लखनऊ पहुंचे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़
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पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा और अंदरूनी कलह से जूझ रही प्रदेश भाजपा के बीच राज्यपाल जगदीप धनखड़ दिल्ली दौरे पर हैं। इसी कड़ी में राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। राज्यपाल और राष्ट्रपति के बीच करीब 2 घंटे तक बातचीत की। शाम को वह गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे। यह जानकारी गवर्नर हाउस के आधिकारिक सूत्रों ने दी है। इससे पहले बुधवार को राज्यपाल ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों प्रह्लाद जोशी और प्रह्लाद पटेल से भी मुलाकात की। बता दें कि बंगाल चुनाव के दौरान राज्य में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुई थीं। भाजपा का आरोप है कि उनके 50 से ज्यादा कार्यकर्ता और नेताओं की हत्या हुई है। भाजपा ने टीएमसी पर आरोप लगाया है।
बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने की जरूरत- विजयवर्गीय
वहीं पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रभारी और भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बंगाल में वर्तमान में जो कानून व्यवस्था कि स्थिति है उसे देखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए। जो सरकार 213 सीटें लाकर डेढ़ महीने पहले जनमत जीती हो वहां राष्ट्रपति शासन लगाना प्रथम दृष्टया अभी उचित नहीं लगता। लेकिन, हालात ऐसे ही हैं।
राज्यपाल के दिल्ली दौरे पर सियासत तेज
इधर राज्यपाल जगदीप धनखड़ के दिल्ली दौरे पर सियासत भी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने सवाल उठाते हुए कहा कि राज्यपाल दिल्ली क्यों गए हैं और वहां केंद्रीय मंत्रियों से क्यों मिल रहे हैं? यह समझ में नहीं आ रहा। सौगत राय ने कहा कि हमने ऐसे राज्यपाल को कभी नहीं देखा, जो संविधान और उसके मानदंडों का सम्मान नहीं करते हैं। हमारे संविधान के अनुसार राज्यपाल को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले मंत्री परिषद के निर्देशों के मुताबिक काम करने की जरूरत है, लेकिन वह अपनी मर्जी के मुताबिक काम कर रहे हैं। वहीं, तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने राज्यपाल पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया-अंकल जी ने कहा है कि वे दिल्ली जा रहे हैं। बंगाल के राज्यपाल साहब, दया करके अब लौटिएगा नहीं।