पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने 21 सितंबर को जादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति सुरंजन दास और प्रो वाइस चांसलर प्रदीप कुमार घोष से एक निजी अस्पताल में मुलाकात की, जहां उन्हें गुरुवार शाम से भर्ती कराया गया है।
वीसी और प्रो वीसी दोनों को विश्वविद्यालय में हंगामे के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जब केंद्रीय राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने गुरुवार को विश्वविद्यालय का दौरा किया था और छात्रों द्वारा उनके साथ धक्का-मुक्की की गई थी।
जादवपुर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार स्नेहामंजू बसु ने कहा कि राज्यपाल ने प्रोफेसर दास से बात की और उनके शीघ्र ही ठीक होने की कामना की। रजिस्ट्रार ने बताया कि गवर्नर ने कुलपति से कहा कि हमें विश्वविद्यालय की श्रेष्ठता के लिए मिलकर काम करना होगा।
राज्यपाल की यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राजभवन द्वारा जारी किए गए बयानों में विश्वविद्यालय वीसी द्वारा अपने दायित्वों को नहीं निभाने जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर उनकी आलोचना की गई थी।
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय में छात्रों द्वारा केन्द्रीय मंत्री सुप्रियो को घेरे जाने और उनके साथ हुई धक्का-मुक्की के दौरान कुलपति और प्रो-वाइस चांसलर घायल हो गए थे।
सुप्रियो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने 19 सितंबर को वहां गए थे। वामपंथी झुकाव वाले छात्र संगठनों और तृणमूल कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने लगभग पांच घंटे तक सुप्रियो को घेरे रखा। इसके बाद राज्यपाल बृहस्पतिवार की शाम उन्हें वहां से निकाल कर लाए।
धनखड़ जो कि इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं, उन्होंने इस बात को गंभीरता से लिया है कि दास शाम में परिसर से रवाना हो गए जबकि छात्रों ने केंद्रीय मंत्री को उस वक्त भी घेरा ही हुआ था।
मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि उनकी अगवानी नहीं करने और प्रदर्शनकारियों द्वारा धक्का मुक्की करने के दौरान पुलिस को नहीं बुलाने पर मंत्री ने कुलपति से कड़े अंदाज में बातचीत की थी।