West Bengal Governor Jagdeep Dhankhar and CM Mamata Banerjee
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पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल धनखड़ के बीच मतभेद की खाई दिन व दिन और चौड़ी होती जा रही है। नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर पश्चिम बंगाल में में भी विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। इसी बीच राज्यपाल धनखड़ की नाराजगी की खबर सामने आ रही है। राज्यपाल धनखड़ ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति से अवगत कराने के लिए राजभवन बुलाया है।
वहीं पश्चिम बंगाल में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को लेकर पश्चिम बंगाल पुलिस ने बताया कि बंगाल में शांति और सद्भाव बनाए रखने के प्रयास के तहत राज्य भर में 354 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है।
इससे पहले उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून को लेकर जारी प्रदर्शनों के बीच, मुख्य सचिव, डीजीपी द्वारा बंगाल में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति से मुझे अवगत नहीं कराया जा रहा है। उनके इस व्यवहार से मैं चकित हूं।
राज्यपाल ने कहा, उन्होंने सोमवार सुबह दो वरिष्ठ अधिकारियों को राजभवन आने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं आए। उनकी अनुपस्थिति स्वीकार्य नहीं की जाएगी।
धनखड़ ने ममता बर्नजी के कार्यालय को टैग करते हुए ट्वीट किया, 'मैं स्तब्ध हूं कि अनुरोध के बावजूद मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने राज्य में मौजूदा दर्दनाक स्थिति के बारे में न तो मुझे जानकारी दी और न ही हालात के बारे में बताया। ऐसी हरकत निश्चित रूप से स्वीकार्य नहीं है।
पश्चिम बंगाल में प्रदर्शन जारी
पश्चिम बंगाल में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा। पुलिस अधिकारी के मुताबिक कई इलाकों में सड़क और रेल मार्ग को बाधित किया गया।
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर और नागरिकता कानून का विरोध करने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोपहर बाद कोलकाता की सड़कों पर उतरीं। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल जगदीप धनखड़ के बयान की अनदेखी की। राज्यपाल ने कहा था ऐसा करना असंवैधानिक एवं भड़काऊ है।
बनर्जी ने अपने हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मार्च निकाला और राज्य में प्रस्तावित एनआरसी एवं संशोधित नागरिकता कानून लागू नहीं करने देने का निश्चय किया। उन्होंने रेड रोड से लेकर जोरासाखो ठाकुरबाड़ी तक मार्च निकाला।