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पश्चिम बंगाल का रण: मुख्य सचिव का सख्त फरमान; ऑफिस से नहीं हटेंगे कागजात, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

Mon, 04 May 2026 06:41 PM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

बंगाल में वोटों की गिनती के साथ-साथ फाइलों की 'किलाबंदी' शुरू हो गई है। मुख्य सचिव ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनावी नतीजों के बीच सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अब फाइलों को हाथ लगाना या उनकी कॉपी करना भारी पड़ सकता है, क्योंकि नियमों की अनदेखी पर सीधे गाज गिरेगी।
 
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दुष्यंत नारियाला, मुख्य सचिव ,पश्चिम बंगाल - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के लिए जारी गहमागहमी और मतगणना के बीच राज्य प्रशासन ने एक अत्यंत संवेदनशील फैसला लिया है। मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला ने सोमवार को एक सख्त आदेश जारी करते हुए सभी सरकारी विभागों को फाइलों और दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि किसी भी स्थिति में कार्यालयों से महत्वपूर्ण कागज या फाइलें बाहर नहीं जानी चाहिए।
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फोटोकॉपी करने की भी अनुमति नहीं
सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, अब कोई भी सरकारी फाइल न तो हटाई जा सकेगी और न ही उसे किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाया जा सकेगा। इसके साथ ही, सरकारी दस्तावेजों की बिना अनुमति के फोटोकॉपी करने या उन्हें स्कैन करने पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। मुख्य सचिव ने कहा है कि हर एक फाइल और सरकारी पत्राचार का उचित हिसाब रखना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इन नियमों का पालन कराने की सीधी जिम्मेदारी विभाग के प्रमुखों और सचिवों की होगी। यदि भविष्य में किसी भी फाइल के गायब होने या नियमों के उल्लंघन का कोई मामला सामने आता है, तो संबंधित उच्च अधिकारी की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी।
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प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस तरह के आदेश अक्सर तब जारी किए जाते हैं जब 'ट्रांजिशन ऑफ पावर' यानी सत्ता के हस्तांतरण की स्थिति करीब होती है। भाजपा की बढ़त के दावों के बीच, फाइलों की स्कैनिंग और फोटोकॉपी पर पूर्ण प्रतिबंध यह संकेत देता है कि सरकार किसी भी विभागीय जानकारी के लीक होने या आधिकारिक रिकॉर्ड्स के गायब होने के जोखिम को शून्य करना चाहती है। 

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नबन्ना में तैनात हुई सीआरपीएफ
इस बीच खबर आई है कि चुनाव आयोग ने राज्य सचिवालय नबन्ना सहित सभी महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों में केंद्रीय बलों की तैनाती का कड़ा आदेश जारी किया है। सोमवार दोपहर को नबन्ना, राइटर्स बिल्डिंग, विकास भवन और खाद्य भवन जैसे प्रमुख केंद्रों पर सीआरपीएफ की क्विक रिस्पांस टीमें क्यूआरटी पहुंच गईं, जिनका मुख्य उद्देश्य सरकारी दस्तावेजों को नष्ट होने या चोरी होने से बचाना है। चुनाव आयोग का यह कदम भाजपा की उन आशंकाओं के बाद आया है जिसमें भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइलों को गायब किए जाने का डर जताया गया था।

सचिवालयों में सुरक्षा इतनी सख्त है कि बाहर निकलने वाले कर्मचारियों के बैग की तलाशी ली जा रही है ताकि कोई भी फाइल बाहर न जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार दोहराया था कि भाजपा सरकार बनते ही पिछली सरकार की सभी फाइलें खोलकर जांच की जाएगी। वर्तमान में भाजपा जीत के करीब है, जबकि तृणमूल 100 से नीचे सिमटती दिख रही है। 

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