वहीं केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि रोहिंग्या शरणार्थियों के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है और उन्हें स्वास्थ्य, स्वच्छता, चिकित्सा और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने शीर्ष अदालत को बताया कि 9 अप्रैल के आदेश के अनुसार एक टीम गठित की गई थी जिसमें स्वास्थ्य मंत्रालय के सदस्य और गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल थे।
टीम ने हरियाणा के मेवात और दिल्ली के कालिंदी कुंज में 23 और 24 अप्रैल को शरणार्थी कैंपों का दौरा किया। मंत्रालय ने बताया कि टीम ने शिविरों में महिलाओं से मुलाकात की और सरकार द्वारा प्रदान की जा रही पानी, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, रोहिंग्याओं को उचित रूप से सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। रोहिंग्या शरणार्थी कैंपों और आसपास के क्षेत्रों के अन्य झुग्गी बस्तियों (भारतीय निवासियों) के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है।