वकील लोकनाथ चटर्जी ने कहा कि आपदा प्रबंधन कानून के प्रावधानों के अनुसार, कार्रवाई नहीं करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह उनके सेवा नियमों और आपदा प्रबंधन कानून का उल्लंघन है।
कारण बताओ नोटिस का कोई प्रावधान नहीं
वकील जयंत नारायण चटर्जी ने कहा कि आपदा प्रबंधन कानून की धारा 51-बी के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करने का कोई प्रावधान नहीं है।
क्या है ममता बनाम मोदी विवाद की जड़?
इस विवाद की जड़ चक्रवात यास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समीक्षा बैठक में ममता बनर्जी का शामिल न होना है। बीते शुक्रवार को पीएम मोदी चक्रवात से हुए नुकसान का जायजा लेने पीएम पश्चिम बंगाल पहुंचे थे। उनकी सीएम ममता बनर्जी और मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय के साथ समीक्षा बैठक थी, लेकिन आरोप है कि ममता बनर्जी ने पीएम को आधे घंटे इंतजार कराया। मुख्य सचिव के साथ बैठक में पहुंची ममता ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी और यह कहकर चली गईं कि उन्हें कुछ दूसरी बैठकों में हिस्सा लेना है।
इस बैठक के बाद ही केंद्र की ओर बंगाल सरकार को पत्र भेजकर बंदोपाध्याय को कार्यमुक्त करने को कहा गया था। 60 साल की उम्र पूरी कर चुके बंदोपाध्याय को सोमवार को रिटायर्ड होना था, लेकिन उसके पहले ही कोविड मैनेजमेंट के लिए केंद्र से मिली इजाजत से उनका तीन महीने का कार्यकाल बढ़ाया गया था। अब देखना होगा कि ममता बनाम केंद्र की यह लड़ाई किस करवट बैठती है?