पश्चिम बंगाल के कोलकाता में गुरुवार रात ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम खोलने पर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच तनातनी हो गई। इसके चलते खूब हंगामा हुआ। तृणमूल कांग्रेस ने ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप लगाए। हालांकि पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम और पोस्टल बैलेट से छेड़छाड़ के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। लेकिन इस पूरे मुद्दे से बंगाल का राजनीतिक पारा चढ़ गया है और विभिन्न नेता इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
शुभेंदु अधिकारी बोले- 'हार के डर से नाटक कर रहीं ममता बनर्जी'
कोलकाता स्ट्रॉन्ग रूम विवाद पर भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह उनकी पुरानी आदत का नतीजा है कि जब भी उन्हें चुनाव में माहौल अपने खिलाफ लगता है, तो वे ईवीएम में हेरफेर की आशंकाएं जताने लगती हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, 'ईवीएम में हेरफेर की आशंकाएं जताना पिछले 15 वर्षों से उनकी (ममता बनर्जी) आदत का हिस्सा बन गया है। उनके लिए इस पुरानी आदत से छुटकारा पाना नामुमकिन है। इस बार उन्हें अपनी हार का आभास हो रहा है। इसलिए, ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में हेरफेर को लेकर उनका यह नाटक उनके हार के डर का ही प्रतिबिंब है।'
'ममता बनर्जी ने मानी हार, अब सिर्फ बहाने ढूंढ रहीं'
इस विवाद पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'पिछले 3-4 महीनों से अलग-अलग तरीके से हार के बहाने तलाशे जा रहे हैं। पहले एसआईआर को लेकर राजनीति शुरू हुई, उसके बाद चुनाव आयोग, फिर केंद्रीय बलों और अब स्ट्रॉन्ग रूम के मुद्दे पर राजनीति हो रही है। ऐसा लगता है कि हारने वाले पक्ष के पास अब कोई और बहाना नहीं बचा है।' उन्होंने कहा कि 15 साल तक राज करने के बाद अगर कोई पार्टी एसआईआर और स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर राजनीति कर रही है, तो यह बताता है कि पार्टी ने पहले ही अपनी हार मान ली है। सिर्फ हार को बहाना बताने की पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है।
क्या है विवाद
तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि गुरुवार की रात कोलकाता का खुदीराम अनुशीलन केंद्र ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम खोला गया और संदिग्ध लोग स्ट्रॉन्ग रूम में घुसे। इन आरोपों को साथ तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरना प्रदर्शन किया। टीएमसी ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया। टीएमसी ने दावा किया कि वीडियो में चुनाव अधिकारी, भाजपा के लोगों के साथ मिलकर बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने आरोपों से इनकार किया और कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम में सिर्फ पोस्टल बैलेट की छंटाई हो रही थी।
इस बीच वहां टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं का जमावड़ा बढ़ने लगा। हालात देखते हुए वहां बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। हंगामे के बीच सीएम ममता बनर्जी भी रात करीब आठ बजे कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं और कई घंटे वहां रहीं। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि 'अगर ईवीएम लूटने और मतगणना में हेरफेर की कोशिश हुई तो हम जान की बाजी लगा देंगे।'
टीएमसी ने चुनाव आयोग से मांगा स्पष्टीकरण
तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को कोलकाता में एक सीलबंद स्ट्रॉन्गरूम तक पहुंच को लेकर अनियमितताओं का आरोप लगाया और चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण की मांग की। पार्टी ने साथ ही कहा कि वह वोटों से किसी भी तरह की छेड़छाड़ रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरतेगी। तृणमूल नेता शशि पांजा ने दावा किया कि पार्टी प्रतिनिधियों ने निगरानी फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां देखीं। उन्होंने कहा, 'कैमरा नंबर 17 में हमने कुछ लोगों को उस स्ट्रॉन्गरूम के अंदर देखा, जिसे हमारे एजेंटों ने सील किया था। अगर ऐसा कोई कमरा खोला जाता है, तो सभी राजनीतिक दलों को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए।'
पांजा ने आगे आरोप लगाया कि जब कमरे को खोला गया, उस समय किसी भी राजनीतिक दल का प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा, 'अधिकारियों का कहना है कि ईमेल भेजा गया था, लेकिन कोई मौजूद नहीं था। अगर कोई मौजूद नहीं था, तो आखिर कमरे को खोला ही क्यों गया?' तृणमूल सांसद डोला सेन ने कहा कि जरूरत पड़ने पर पार्टी कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, 'हम कानूनी कदम उठाएंगे। हमारी पार्टी सभी प्रक्रियाओं का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे कार्यकर्ता और उम्मीदवार हर स्ट्रॉन्गरूम पर नजर रखेंगे और सतर्कता और बढ़ाई जाएगी।'