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महाराष्ट्र-कर्नाटक के बाद अब बंगाल में कार्रवाई: रेस्तरां-भोजनालयों पर छापे, खाद्य सुरक्षा नियमों की जांच तेज

Sun, 06 Sep 2026 06:54 PM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल सरकार की प्रवर्तन शाखा ने रविवार को राज्यभर के रेस्तरां और भोजनालयों में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन की जांच की। कोलकाता के पार्क स्ट्रीट सहित कई प्रमुख इलाकों में टीमों ने रसोई और खाद्य सामग्री का निरीक्षण किया। कांथी से जलपाईगुड़ी तक महंगे रेस्तरां और सड़क किनारे दुकानों को जांच के दायरे में रखा गया।
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खाद्य मिलावट के खिलाफ बंगाल सरकार सख्त - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल सरकार की प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों ने रविवार को राज्यभर में विभिन्न रेस्तरां और भोजनालयों पर छापेमारी की। इस दौरान यह जांच की गई कि वहां खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों और दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता के पॉश पार्क स्ट्रीट इलाके के कई प्रसिद्ध रेस्तरां में भी प्रवर्तन शाखा की टीमों ने जांच की। टीमों ने रेस्तरां की रसोई का गहन निरीक्षण किया।
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जलपाईगुड़ी जिले के एक सरकारी अधिकारी ने कहा, "जहां भी खाद्य पदार्थ बेचे जाते हैं, उन सभी जगहों पर इस तरह की जांच जारी रहेगी।" मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से एक सितंबर को उपभोक्ता सुरक्षा सप्ताह के उद्घाटन के दौरान निर्देश दिए जाने के तुरंत बाद प्रवर्तन शाखा और राज्य सरकार के अन्य अधिकारियों ने भोजनालयों का निरीक्षण शुरू कर दिया।

सड़क किनारे की दुकानों से लेकर महंगे रेस्तरां में कार्रवाई
अधिकारियों ने महंगे रेस्तरां से लेकर सड़क किनारे की दुकानों तक जांच की। इस दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़े दिशानिर्देशों के पालन की स्थिति देखी गई। अधिकारी ने कहा था कि राज्य सरकार खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाने-पीने की चीजों तथा मिठाइयों में गैर-खाद्य गुणवत्ता वाले रंगों के इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कारोबारियों से पारदर्शी और साफ-सुथरे तरीके से कारोबार करने की अपील की थी।
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मुख्यमंत्री ने कहा था कि कुछ अधिकारी भी अनुचित गतिविधियों को अनुमति देने में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा था, "पूरी व्यवस्था सड़ चुकी है।" रविवार को राज्य के दक्षिणी छोर पर स्थित कांथी से लेकर उत्तर में जलपाईगुड़ी तक भोजनालयों में अधिकारी जांच करते नजर आए। उन्होंने यह देखने के लिए निरीक्षण किया कि सभी नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।

कार्रवाई को लेकर क्या बोला राज्य प्रशासन?
जांच में कीट नियंत्रण से लेकर बासी भोजन ग्राहकों को बेचे जाने की स्थिति तक की पड़ताल की गई। कोलकाता के खान-पान के प्रमुख केंद्रों में शामिल कई बड़े रेस्तरां पर अधिकारियों ने विभिन्न कारणों से कार्रवाई की है। इनमें घटिया गुणवत्ता वाले तेल का इस्तेमाल, साफ-सफाई की खराब व्यवस्था और मछली तथा मांस को उनकी उपयोग की अंतिम तारीख बीत जाने के बाद भी रखने जैसी अनियमितताएं शामिल हैं।

एफएसएसएआई ने किन कंपनियों का निलंबित किया लाइसेंस?
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने स्वच्छता और साफ-सफाई से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर पश्चिम बंगाल की दो कंपनियों कैलाश फॉर्मुलेशन और सैनेक्योर वाटर प्रोजेक्ट के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। खाद्य नियामक ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दोनों कंपनियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी दी।

एफएसएसएआई ने कहा, “पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में चलाए गए प्रवर्तन अभियान के दौरान कैलाश फॉर्मुलेशन और सैनेक्योर वाटर प्रोजेक्ट के एफएसएसएआई लाइसेंस को स्वच्छता, साफ-सफाई और अनुपालन मानकों के गंभीर उल्लंघन के कारण निलंबित किया गया है।” कैलाश फॉर्मुलेशन के संबंध में एफएसएसएआई ने कहा कि अनिवार्य खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने के कारण लाइसेंस निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है।
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