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पश्चिम बंगाल चुनाव: निर्वाचन आयोग की दो दिवसीय समीक्षा बैठक आज से, सुरक्षा और मतदाता सूची पर रहेगा फोकस

Mon, 02 Mar 2026 10:30 AM IST
Riya Dubey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

भारत निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए दो चरणों में अहम बैठकें कर रहा है। इन बैठकों में अंतिम मतदाता सूची, एसआईआर प्रक्रिया, 240 कंपनियों की सीएपीएफ तैनाती, सुरक्षा समन्वय और 60 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों के न्यायिक निपटारे की प्रगति पर चर्चा होगी।
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भारतीय चुनाव आयोग - फोटो : IANS
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विस्तार
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भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर सोमवार और मंगलवार को अहम समीक्षा बैठकें करेगा। इन बैठकों का उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद की स्थिति का आकलन करना है, ताकि चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सके।

चुनावी गतिविधियां हुई तेज

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार न्यायिक निर्णय के लिए भेजे गए नामों को छोड़कर अंतिम मतदाता सूची पहले ही प्रकाशित की जा चुकी है। इसके बाद राज्य में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी गई है।

बैठक में कौन-कौन होगा शामिल?

बैठकों का पहला चरण सोमवार सुबह 11 बजे से वर्चुअल माध्यम से आयोजित होगा, जिसमें आयोग के शीर्ष अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल, अतिरिक्त व संयुक्त सीईओ, उप सीईओ, सभी जिला मजिस्ट्रेट (जिला निर्वाचन अधिकारी) और जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ स्थिति की समीक्षा करेंगे।

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में राज्य में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 240 कंपनियों की वर्तमान तैनाती और उनके उपयोग की रणनीति पर विशेष चर्चा हो सकती है। आयोग यह भी जानना चाहता है कि इन बलों का इस्तेमाल क्षेत्र पर प्रभुत्व स्थापित करने और संवेदनशील इलाकों की भौगोलिक समझ विकसित करने के लिए किस तरह किया जा रहा है। इसके अलावा 10 मार्च से दूसरे चरण में 240 अतिरिक्त कंपनियों की संभावित तैनाती पर भी विचार होने की संभावना है।

60 लाख मतदाताओं से जुड़े मामलों को होगी समीक्षा

आज की बैठक में लगभग 60 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों से जुड़े मामलों के न्यायिक निपटारे की प्रगति की भी समीक्षा किए जाने की उम्मीद है, जिनकी जांच चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त न्यायिक अधिकारियों के माध्यम से की जा रही है।

मंगलवार को बैठकों का दूसरा चरण नई दिल्ली से वर्चुअल रूप में आयोजित होगा, जिसमें आयोग के वरिष्ठ अधिकारी, सीईओ, राज्य के नोडल पुलिस अधिकारी (एसएनपीओ) और केंद्रीय सुरक्षा व जांच एजेंसियों के समन्वय अधिकारी शामिल होंगे। इस चरण में सीएपीएफ के प्रभावी उपयोग, राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, धन, शराब और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग पर रोक तथा अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा होगी।

मतदान की तारीखों और आचार संहिता को लेकर क्या?

इस बीच मतदान की तारीखों की घोषणा और आदर्श आचार संहिता लागू होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। पहले संभावना जताई जा रही थी कि होली के बाद मार्च के पहले सप्ताह में चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा, लेकिन मतदाता दस्तावेजों से जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया लंबित रहने के कारण अब कार्यक्रम मार्च के दूसरे सप्ताह में घोषित होने की संभावना बढ़ गई है।

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