पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह हिला कर रख दिया है। इस बार चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को करारा झटका लगा है, जहां कई वरिष्ठ मंत्री अपनी सीटें बचाने में असफल रहे। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कई अहम सीटों पर बड़ी जीत दर्ज कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं।
सबसे बड़ा झटका मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगा, जो अपने ही गढ़ भवानीपुर सीट पर भाजपा उम्मीदवार से हार गईं। चुनाव परिणामों ने टीएमसी के कई बड़े चेहरों को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया।
हार का सामना करने वाले प्रमुख मंत्री
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में जिन टीएमसी मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा, उनमें शामिल हैं:
| मंत्री का नाम |
विभाग |
चुनाव क्षेत्र |
| ममता बनर्जी |
मुख्यमंत्री |
भवानीपुर |
| अरूप विश्वास |
आवास, बिजली |
टॉलीगंज |
| ब्रात्य बसु |
उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा |
दमदम |
| चंद्रिमा भट्टाचार्य |
पर्यावरण, वित्त, कार्यक्रम निगरानी |
दमदम उत्तर |
| शशि पांजा |
उद्योग, वाणिज्य और उद्यम; महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण |
श्यामपुकुर |
| सुजीत बोस |
अग्नि और आपातकालीन सेवाएं |
बिधाननगर |
| इंद्रनील सेन |
तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास; पर्यटन |
चंदननगर |
| बेचराम मन्ना |
कृषि विपणन |
सिंगूर |
| स्वपन देबनाथ |
पशु संसाधन विकास |
पुरबास्थली दक्षिण |
| बुलू चिक बरईक |
पिछड़ा वर्ग कल्याण, जनजातीय विकास |
माल |
| प्रदीप के मजूमदार |
सहकारिता, पंचायत और ग्रामीण विकास |
दुर्गापुर पूर्व |
| बिरबाहा हांसदा |
वन, स्वयं सहायता समूह और स्व-रोजगार |
बिनपुर |
| मानस रंजन भूनिया |
सिंचाई और जलमार्ग, जल संसाधन अन्वेषण और विकास |
सबांग |
| मलय घटक |
श्रम |
आसनसोल उत्तर |
| सिद्दीकुल्लाह चौधरी |
जन शिक्षा विस्तार और पुस्तकालय सेवाएं |
मोंतेश्वर |
| उदय नंदन गुहा |
उत्तर बंगाल विकास |
दिनहाटा |
| संध्या रानी टुडू |
पश्चिम आंचल उन्नयन मामले |
मानबाजार |
| बंकिम चंद्र हजरा |
सुंदरबन मामले |
सागर |
| उज्ज्वल विश्वास |
विज्ञान और प्रौद्योगिकी और जैव-प्रौद्योगिकी |
कृष्णानगर दक्षिण |
| स्नेही चक्रवर्ती |
परिवहन |
जांगिपाड़ा |
| श्रीकांत महतो (MoS) |
उपभोक्ता मामले |
सालबोनी |
| सत्यजीत बर्मन (MoS) |
स्कूल शिक्षा |
हेमताबाद |
कुछ मंत्रियों ने बचाई सीट
हालांकि, कुछ वरिष्ठ टीएमसी मंत्रियों ने चुनाव में जीत दर्ज की है। इनमें शोवंदेब चट्टोपाध्याय, फिरहाद हाकिम और जावेद खान शामिल हैं।
- जावेद खान ने दक्षिण कोलकाता की कसबा सीट से भाजपा के संदीप मुखर्जी को 20,974 वोटों के अंतर से हराकर लगातार चौथी बार जीत हासिल की।
- शोवंदेब चट्टोपाध्याय ने दक्षिण कोलकाता की प्रतिष्ठित बालीगंज सीट पर भाजपा की सतरूपा को 61,476 वोटों से हराया।
- फिरहाद हाकिम, जो कोलकाता के मेयर और ममता बनर्जी सरकार में शहरी विकास मंत्री थे, ने कोलकाता पोर्ट सीट से भाजपा के राकेश सिंह को 56,000 से अधिक वोटों से हराया। हाकिम इस सीट से लगातार चौथी बार जीते हैं।
- नयना बंदोपाध्याय, जो वरिष्ठ टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय की पत्नी हैं, ने दक्षिण कोलकाता की चौरींगही सीट से भाजपा के संतोष पाठक को 22,002 वोटों से हराया।
सिंगूर से लेकर श्यामपुकुर तक झटका
सिंगूर सीट, जो टीएमसी के लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है, वहां भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा श्यामपुकुर सीट से हार गईं। इसके अलावा कई अन्य सीटों पर भी भाजपा ने बढ़त बनाकर टीएमसी की मुश्किलें बढ़ा दीं।
इन नतीजों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। 2021 में भारी बहुमत से सरकार बनाने वाली टीएमसी को इस बार विपक्ष की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है। कई वर्षों से जारी टीएमसी के दबदबे को इस चुनाव में भाजपा ने कड़ी टक्कर दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चुनाव राज्य की सत्ता संतुलन में बड़े बदलाव का संकेत है, जहां अब आने वाले समय में और भी राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है।