पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के निर्देश
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मंच पूरी तरह तैयार है और इस बार चुनाव आयोग ने सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने निर्देश जारी किया है कि मतदान के दिन कोई भी उम्मीदवार अपने निर्वाचन क्षेत्र की सीमाओं से बाहर नहीं जा सकेगा। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, बाहरी दखल या मतदाताओं को डराने-धमकाने की घटनाओं को रोका जा सके।
चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के लिए क्या नई पाबंदियां लगाई?
पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए चुनाव आयोग ने बुधवार को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सभी उम्मीदवारों को कल सुबह छह बजे से लेकर मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र के भीतर ही रहने का आदेश दिया गया है। आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी उम्मीदवार को वोटिंग के दौरान अपनी विधानसभा सीट से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। यह निर्देश राज्य के उन सभी जिलों और क्षेत्रों में लागू होगा जहां पहले चरण के तहत वोट डाले जाने हैं। अधिकारी ने बताया कि मतदान के घंटों के दौरान उम्मीदवारों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाएगी।
कितने निर्वाचन क्षेत्रों में कल होगा मतदान?
पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र का यह महापर्व गुरुवार से शुरू हो रहा है। इसमें 16 जिलों की कुल 152 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। यह चुनाव का पहला चरण है और आयोग इसके लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम कर रहा है। उम्मीदवारों को जारी गाइडलाइन के अनुसार, उन्हें न केवल अपने क्षेत्र में रहना है, बल्कि ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहना है जिससे चुनावी प्रक्रिया बाधित हो सकती हो। मतदान सुबह से शुरू होकर शाम तक चलेगा और इस दौरान पूरी मशीनरी को अलर्ट पर रखा गया है ताकि लोग बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
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पाबंदी के पीछे चुनाव आयोग का उद्देश्य क्या?
आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पाबंदी का एकमात्र लक्ष्य स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना है। उम्मीदवारों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल केवल शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराने में करें। आयोग चाहता है कि हर मतदाता बिना किसी दबाव, धमकी या गड़बड़ी के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग कर सके। यदि कोई उम्मीदवार इन नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है या अपने क्षेत्र से बाहर जाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम चुनाव के दौरान होने वाली संभावित हिंसा और बाहरी तत्वों की घुसपैठ को रोकने के लिए उठाया गया है।
चुनाव के अगले चरण और नतीजों का कार्यक्रम
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की यह प्रक्रिया केवल कल तक सीमित नहीं है। पहले चरण के बाद, दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। आयोग ने दोनों चरणों के लिए एक जैसी ही मुस्तैदी दिखाने का संकल्प लिया है। मतदान की पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद, सभी सीटों के लिए वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी और उसी दिन चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे। तब तक आयोग की कोशिश है कि मतदान के दौरान उम्मीदवारों की मर्यादा और कानून का राज पूरी तरह से कायम रहे।
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