बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। बंगाल एक ऐसा किला है, जिसे भाजपा लंबे समय से फतह करना चाह रही है। यही वजह है कि विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा का पूरा फोकस बंगाल पर है। जानिए क्या है भाजपा की रणनीति और किन मुद्दों पर रहेगा भाजपा का जोर....
भाजपा ने प.बंगाल में कमल खिलाने की दशकों पुरानी अधूरी इच्छा पूरा करने के लिए बड़ी तैयारी की है। इसके तहत पार्टी पूरे फरवरी महीने बूथ से राज्यस्तर तक संगठन को मजबूत करने और मार्च महीने में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की अगुवाई में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से छह परिवर्तन यात्राएं निकालने की योजना बनाई है।
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इन मुद्दों को लेकर बंगाल के चुनाव मैदान में उतरेगी भाजपा
घुसपैठ, महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुनावी मैदान में उतरने की योजना बना चुकी पार्टी ने संकल्प पत्र समिति के गठन के साथ सभी 294 सीटों पर चुनाव प्रभारी नियुक्त कर लिए हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में पार्टी का सारा ध्यान एसआईआर के बाद 14 फरवरी को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची पर है।
पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि इस बार बूथों की संख्या 81 हजार से एक लाख तक पहुंचने की उम्मीद है।
ऐसे में सूची प्रकाशित करते ही पार्टी सबसे पहले बूथ स्तर पर इसकी समीक्षा के बाद नए बूथों पर तत्काल बूथ कमेटियों का गठन करेगी। चूंकि फरवरी महीने में 10वीं, 12वीं की परीक्षा के कारण बड़ी जनसभा नहीं हो सकती, इसलिए पार्टी ने इस महीने अपना पूरा फोकस संगठन पर करने की योजना बनाई है।
छह परिवर्तन यात्राएं होंगी
पार्टी ने राज्य को छह जोन में बांट कर हर जोन में मार्च महीने में एक परिवर्तन यात्रा निकालने की योजना बनाई है। इन यात्राओं का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष सुभेंदु अधिकारी, सामिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष, लॉकेट चटर्जी, अग्निमित्रा पॉल और सुकांत मजूमदार करेंगे। यात्राओं को वरिष्ठों केंद्रीय नेता हरी झंडी दिखाएंगे और इन यात्राओं का समापन कोलकाता में पीएम की बड़ी जनसभा के साथ होगा।