पश्चिम बंगाल में बहुप्रतीक्षित विधानसभा चुनावों का दूसरा चरण आज (बुधवार) कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न होगा। इस चरण में 142 सीटों के लिए 3.22 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। भाजपा सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को सत्ता से बेदखल करने के लिए कोशिश में जुटी है। वहीं, टीएमसी लगातार चौथी बार जीत हासिल करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।
दशकों तक राज्य पर शासन करने वाली वाम पार्टियां अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की जुगत में हैं। वहीं, कांग्रेस भी राज्य में खुद को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रही है, जिसका राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान है। गौरतलब है कि 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में 91.78 प्रतिशत की रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की गई थी। समीक्षा के बाद, राज्य में कुल मतदान 93.19 प्रतिशत रहा।
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दूसरे चरण में कितने उम्मीदवार, कितने मतदाता?
दूसरे चरण में 1,448 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 1,228 पुरुष और 220 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। कुल मतदाताओं में 3.21 करोड़ सामान्य मतदाता और करीब 40 हजार सर्विस वोटर हैं। इनमें 1.64 करोड़ पुरुष, 1.57 करोड़ महिला और 792 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
18-19 आयु वर्ग के 4.12 लाख से अधिक मतदाता हैं, जबकि 100 वर्ष से अधिक उम्र के 3,200 से ज्यादा मतदाता भी इस बार वोट डालेंगे। इसके अलावा 57 हजार से अधिक दिव्यांग मतदाता भी सूची में शामिल हैं।
सियासी दंगल के दूसरे चरण में कितने पोलिंग स्टेशन?
मतदान के लिए 41,001 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जिनमें 39,301 मुख्य और 1,700 सहायक केंद्र हैं। इनमें 8,845 केंद्र पूरी तरह महिला कर्मियों द्वारा संचालित होंगे, 13 केंद्र दिव्यांग कर्मियों के प्रबंधन में होंगे और 258 मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। मतदान सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा।
चुनाव प्रचार में किन मुद्दों का रहा जोर?
चुनावी प्रचार के दौरान घुसपैठ, एसआईआर, मतदाताओं के नाम हटाने और रोजगार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। सभी दलों ने महिला मतदाताओं को साधने के लिए विशेष प्रयास किए।
भाजपा नेताओं ने किया क्या दावा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में कई रैलियां कर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर "महा जंगल राज" का आरोप लगाया। बैरकपुर में अपनी आखिरी रैली में उन्होंने कहा, "जहां-जहां मैं पश्चिम बंगाल गया हूं, मैंने लोगों का मूड देखा है। मैं इस भरोसे के साथ लौट रहा हूं कि चार मई को नतीजों के बाद मुझे भाजपा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए वापस आना होगा।"
इन हॉटसीट पर होना है मतदान?
तृणमूल कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी व्यापक चुनाव प्रचार किया और सत्ता में वापसी का भरोसा जताया। दोनों प्रमुख दलों ने पहले चरण के नतीजों को अपने पक्ष में बताया है। ममता बनर्जी दूसरे चरण में भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ रही हैं, जहां उनका मुकाबला भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से है, जो नंदीग्राम से भी चुनाव मैदान में हैं।
अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम, मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, शशि पांजा, अरूप विश्वास और ब्रत्य बसु शामिल हैं। भाजपा ने पानीहाटी सीट से आरजी कर मामले की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को उम्मीदवार बनाया है। वहीं स्वपन दासगुप्ता रासबिहारी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
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चुनाव प्रचार में खूब चला आरोप-प्रत्यारोप का दौर
मतदान से पहले शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के खिलाफ जीत का दावा करते हुए कहा, "मैं जनता और कार्यकर्ताओं के समर्थन के आधार पर चुनाव लड़ रहा हूं, न कि निर्वाचन आयोग या केंद्रीय बलों के भरोसे... मैं कल ममता बनर्जी को हराऊंगा। ममता की पुलिस ने 2021 के दूसरे सप्ताह के बाद मेरे खिलाफ 35 एफआईआर दर्ज कीं और मुझे कई बार विधानसभा से बाहर किया गया।" मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि मुख्यमंत्री राज्य से ही होगा।
चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी जारी रहे। मंत्री शशि पांजा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें पुलिस थानों में बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "हमने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को बताया है कि इन क्षेत्रों में बाहरी लोगों की घुसपैठ हो रही है। भवानीपुर और उत्तर कोलकाता की सीटों पर यह स्थिति देखी जा रही है... भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के पास से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के मामले भी सामने आए हैं।"
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