Mamata banerjee, PM Narendra Modi
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कोरोना की दूसरी लहर की तेजी के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के छठे चरण में बृहस्पतिवार को 43 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इसमें एक करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इस चरण में भाजपा के मुकुल रॉय, टीएमसी मंत्री ज्योतिप्रियो मलिक और चंद्रिमा भट्टाचार्य जैसे प्रमुख नेताओं के भाग्य का फैसला होगा।
इस चरण की सीटों पर मतुआ समुदाय का अच्छा प्रभाव है और उन्हें रिझाने के लिए भाजपा व टीएमसी ने अपना पूरा जोर लगा दिया है। राज्य में अब तक 180 सीटों पर वोट डाले जा चुके हैं। शेष 114 सीटों पर चुनाव बाकी है।
छठे चरण के चुनाव में आज 43 विधानसभा सीटों के लिए एक करोड़ से अधिक मतदाता 306 उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला करेंगे। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले चरणों में हिंसा को देखते हुए सुरक्षा उपाय सख्त किए गए हैं। चौथे चरण के मतदान में 10 अप्रैल को कूच बिहार में पांच लोगों की मौत हो गई थी।
उन्होंने कहा कि आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए छठे चरण में केंद्रीय बलों की कम से कम 1,071 कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया है।उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया के दौरान कोविड संबंधी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।
इस चरण में उत्तर 24 परगना जिले की 17 सीटों के अलावा नादिया और उत्तर दिनाजपुर की नौ-नौ तथा पूर्ब बर्द्धमान की आठ सीटों पर मतदान होना है।
इस चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय, तृणमूल के मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक और चंद्रिमा भट्टाचार्य तथा माकपा नेता तन्मय भट्टाचार्य शामिल हैं। इसके अलावा फिल्म निर्देशक राज चक्रवर्ती और अभिनेत्री कौसानी मुखर्जी भी तृणमूल प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं।
चार जिलों के 43 विधानसभा क्षेत्रों में 14,480 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। माना जा रहा है कि इस चरण में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच होगा।