हाल ही में, कोलकाता पुलिस ने एक फर्जी पासपोर्ट रैकेट का पर्दाफाश किया और इस संबंध में आठ लोगों को गिरफ्तार किया। शनिवार की रात को पुलिस ने रैकेट के सरगना एक ट्रैवल एजेंट को उत्तर 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया। इससे पहले, उन्होंने कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। कई फर्जी दस्तावेज, हार्ड डिस्क ड्राइव, एक कंप्यूटर और एक लैपटॉप जब्त किए गए, जिनका इस्तेमाल फर्जी पासपोर्ट बनाने में किया गया था।
पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार ने रविवार को कहा कि उन्होंने विदेश मंत्रालय (एमईए) को पत्र लिखकर पासपोर्ट के दुरुपयोग से निपटने के लिए सत्यापन और नए पासपोर्ट के वितरण की पूरी तरह से जांच करने का आग्रह किया है। कोलकाता पुलिस ने हाल ही में एक फर्जी पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़ किया और इसमें कथित संलिप्तता के लिए कम से कम आठ लोगों को गिरफ्तार किया। आईपीएस अधिकारी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय को लिखे पत्र में उन्होंने सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याओं की ओर भी इशारा किया और पुलिस अधीक्षकों की तरफ से व्यक्तिगत रूप से सत्यापन प्रक्रिया संचालित करने का विचार प्रस्तावित किया।
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'पासपोर्ट सत्यापन प्रणाली को मजबूत करने का अनुरोध'
डीजीपी ने कहा, 'हमने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर पासपोर्ट सत्यापन प्रणाली को मजबूत करने का अनुरोध किया है। हमने एक नई प्रणाली प्रस्तावित की है, जिसमें जिला खुफिया शाखा (डीआईबी), स्थानीय पुलिस स्टेशन और वरिष्ठ अधिकारियों की अधिक महत्वपूर्ण भूमिका होगी।' राजीव कुमार ने कहा, 'पत्र में हमने डाकघरों के माध्यम से पासपोर्ट के वितरण के बारे में भी अपनी चिंता व्यक्त की है। सभी एजेंसियों को इन कमजोरियों को दूर करने के लिए सहयोग करना चाहिए। हमारा उद्देश्य दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रणाली को मजबूत करना है।'
डीजीपी ने वर्तमान प्रथा की ओर किया इशारा
पासपोर्ट जारी करने के मामले में पुलिस अधिकारी ने वर्तमान प्रथा की ओर इशारा किया, जिसमें आवेदक की पहचान, पता या हस्ताक्षर सत्यापित करने में पुलिस की कोई भागीदारी नहीं होती है, क्योंकि इन दस्तावेजों को पासपोर्ट सेवा केंद्रों और पासपोर्ट कार्यालयों की तरफ से संभाला जाता है, जब तक कि पुन: सत्यापन का विशेष रूप से अनुरोध न किया जाए। आईपीएस अधिकारी ने कहा, 'पुलिस को आवेदक से मिलने या पुलिस सत्यापन रिपोर्ट (पीवीआर) पर उनके हस्ताक्षर प्राप्त करने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह नीति प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विदेश मंत्रालय की तरफ शुरू की गई हो सकती है। हमारा प्रस्ताव है कि एसपी व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करें और पूरी तरह से सत्यापन सुनिश्चित करें।'
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शुभेंदु अधिकारी ने आईपीएस अधिकारी पर निशाना साधा
इस बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आईपीएस अधिकारी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह उनका विभाग है जो 'सत्यापन प्रक्रिया में गड़बड़ी' के कारण घुसपैठियों की पहचान करने में विफल रहा है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, 'यह आपका विभाग है जो घुसपैठियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में पूरी तरह विफल रहा है और यहां तक कि एक खराब सत्यापन प्रक्रिया को अंजाम देकर उन्हें भारतीय पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज हासिल करने में मदद की है।'