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West Bengal: टीएमसी के तीन बैंक खातों की साइबर पुलिस जांच शुरू, पांच साल के लेन-देन पर नजर

Tue, 23 Jun 2026 03:29 PM IST
Asmita Tripathi आईएएनएस, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल में टीएमसी के तीन बैंक खातों की साइबर पुलिस जांच कर रही है। आरोप है कि जबरन वसूली और अवैध कमीशन का पैसा इन खातों में जमा किया गया। वहीं, ममता बनर्जी गुट ने कलकत्ता हाई कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी है।

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की साइबर पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के तीन बैंक खातों की विस्तृत जांच शुरू की है। पुलिस के निर्देश पर हाल ही में इन खातों पर डेबिट फ्रीज लगा दिया गया था। 

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दूसरे पहलुओं की भी जांच जारी
बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में चल रही जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अधिकारी पिछले पांच साल में इन खातों से हुए लेन-देन की बारीकी से जांच कर रहे हैं। जांच का फोकस इस बात पर है कि पैसा कहां से आ रहा था और इन खातों से पैसा कहां भेजा गया। जांचकर्ता इन खातों से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं, जैसे कि ये खाते कब खोले गए, किसके नाम पर रजिस्टर किए गए और इतने सालो तक इन्हें किन लोगों (अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं) ने ऑपरेट किया।

वसूली के पैसे तीन खातें में रखा
लेन-देन के रिकॉर्ड का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है क्योंकि आरोप है कि जबरन वसूली और गैर-कानूनी कमीशन से मिला पैसा इन खातों में जमा किया गया था। जांचकर्ता इस दावे की भी जांच कर रहे हैं कि ऐसी गतिविधियों से मिले पैसे को बाद में दूसरे गैर-कानूनी कामों के लिए इन खातों से निकाला गया। यह जांच बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में टीएमसी के कई बागी विधायकों की शिकायतों के बाद शुरू हुई है। अपनी शिकायतों में विधायकों ने आरोप लगाया कि जबरन वसूली से इकट्ठा किया गया पैसा तीन बैंक खातों में रखा गया था।

इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। जांच के पहले चरण में, अधिकारियों ने बैंक को तीनों खातों पर डेबिट फ्रीज लगाने का निर्देश दिया। कुछ दिन पहले, पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष और ममता बनर्जी सरकार में पूर्व खेल और बिजली मंत्री अरूप बिस्वास ने प्राइवेट सेक्टर के बैंक को पत्र लिखकर खातों को फ्रीज करने का अनुरोध किया था। अपने पत्र में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी झगड़े के कारण पार्टी फंड के कंट्रोल को लेकर हुए विवाद का हवाला दिया था।

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इस बीच, तृणमूल का एक गुट, जो पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के प्रति वफादार है। सोमवार को कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचा और खातों को फ्रीज करने के फैसले को चुनौती दी। अपनी याचिका में पार्टी ने कोर्ट से दखल देने की मांग की ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसके आदेश पर और किस आधार पर तीनों खातों पर डेबिट फ्रीज लगाया गया था।

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