पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जरूरतमंद परिवारों को हर महीने 12,000 से 15,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद करना सरकार की जिम्मेदारी है और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें इतनी राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए। अधिकारी ने शुक्रवार को पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में दुर्गा पूजा पंडालों के उद्घाटन के दौरान यह बात कही। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस प्रस्तावित सहायता का लाभ केवल नंदीग्राम के परिवारों को मिलेगा या पूरे पश्चिम बंगाल के जरूरतमंद परिवारों को।
शुभेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार को उन परिवारों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, जो वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिन्हें मदद की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं को मिलाकर ऐसे परिवारों को हर महीने 12,000 से 15,000 रुपये देने की व्यवस्था करनी होगी। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इस सहायता की शुरुआत कब होगी, किन योजनाओं के जरिए पैसा दिया जाएगा और लाभार्थियों का चयन कैसे होगा, इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। इसलिए फिलहाल इसे जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता देने की उनकी घोषणा या प्रस्ताव के रूप में ही देखा जा रहा है।
जरूरतमंद परिवारों को हर महीने 15 हजार रुपये तक देने की बात क्यों कही?
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पर्याप्त मदद मिले। उन्होंने विशेष रूप से उन परिवारों का जिक्र किया, जिन्हें रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए आर्थिक सहारे की आवश्यकता है। उनके मुताबिक, विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए हर महीने 12,000 से 15,000 रुपये तक की सहायता की व्यवस्था की जानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह राशि एक ही योजना से मिलेगी या अलग-अलग योजनाओं के लाभ को मिलाकर इतनी रकम होगी। यह भी स्पष्ट नहीं हुआ कि सहायता के लिए आय की सीमा क्या होगी और कितने परिवारों को इसके दायरे में लाया जाएगा।
क्या यह सहायता पूरे पश्चिम बंगाल में लागू होगी?
मुख्यमंत्री के संबोधन से यह स्पष्ट नहीं हुआ कि प्रस्तावित आर्थिक सहायता नंदीग्राम तक सीमित रहेगी या पूरे राज्य में जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने अपने भाषण में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद पर जोर दिया, लेकिन योजना का क्षेत्र, बजट और समयसीमा नहीं बताई। ऐसे में अभी यह कहना संभव नहीं है कि राज्य के सभी पात्र परिवारों को हर महीने 12,000 से 15,000 रुपये मिलेंगे। इसके लिए सरकार की ओर से योजना के नियमों और लाभार्थियों की पात्रता से जुड़ी जानकारी सामने आना जरूरी होगा।
एक लाख युवाओं को नौकरी देने के लक्ष्य पर क्या बोले शुभेंदु?
शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के शिक्षित युवाओं को रोजगार देने की योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शी और योग्यता आधारित परीक्षाओं के माध्यम से एक लाख शिक्षित युवक-युवतियों को नौकरी उपलब्ध कराना है। उन्होंने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी पहलों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि राज्य में पिछली सरकार के मुकाबले बदलाव आया है। हालांकि, उन्होंने अपने इस संबोधन में एक लाख नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया, पदों की संख्या के बंटवारे या नियुक्तियों की समयसीमा के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
नंदीग्राम और भवानीपुर को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व तब तक करते रहेंगे, जब तक वहां के लोग उन्हें चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने नंदीग्राम से अपने आजीवन जुड़ाव की बात कही और कहा कि वह जीवनभर नंदीग्राम के मतदाता बने रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि 2021 और 2026 के चुनावों के दौरान वह नंदीग्राम के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में नहीं जा सके थे, लेकिन अब वहां उनका स्वागत फूल बरसाकर किया जा रहा है। अधिकारी ने इसे वास्तविक बदलाव बताया। अपने संबोधन में उन्होंने आर्थिक सहायता, रोजगार और विकास को सरकार की प्राथमिकताओं के तौर पर पेश किया, लेकिन जरूरतमंद परिवारों को प्रस्तावित मासिक सहायता देने की योजना का विस्तृत खाका सामने नहीं रखा।