पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनावी माहौल के बीच पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोना में आयोजित रैली में भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जनता उन्हें राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों का उम्मीदवार मान सकती है। ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी लोगों को धर्म के आधार पर बांटने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा न केवल सामाजिक विभाजन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि बंगाल का अपमान भी कर रही है।
महिलाओं और अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाया
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से महिलाओं और अल्पसंख्यकों के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा शुरू से ही अल्पसंख्यकों को अपना विरोधी मानती रही है। ममता बनर्जी ने कहा 'वे हिंदू-मुस्लिम के नाम पर लोगों को बांटते हैं। अगर आप कतार में खड़े लोगों को देखें, तो कई महिलाएं सिंदूर लगाए नजर आएंगी, लेकिन फिर भी उनके साथ भेदभाव किया जाता है।' रैली के दौरान ममता बनर्जी ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि वे सऊदी अरब से पैसा लाते हैं और उन्हें अपनाते हैं, लेकिन भारत में उनके साथ भेदभाव करते हैं।
'वोटर लिस्ट से नाम हटाकर छीने जा रहे अधिकार'
रैली को संबोधित करते हुए सीएम ममता ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं, जिससे उनके संवैधानिक और नागरिक अधिकारों पर असर पड़ रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने एक अखबार में तस्वीर देखी, जिसमें वे लोग फिर से कतार में खड़े थे जिनके नाम पहले मतदाता सूची में थे, लेकिन अब हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह देखकर उन्हें दुख होता है कि उनकी 'मां-बहनें' लाइन में खड़ी रहने को मजबूर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2002 की मतदाता सूची में शामिल कई नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद 42 लाख में से 22 लाख नाम दोबारा जोड़े गए, लेकिन अब भी करीब 18 लाख नाम बाहर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों के नागरिक अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यदि उनकी पार्टी ने विरोध नहीं किया होता, तो भाजपा करीब 5 करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा देती। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियां राज्य के हितों के खिलाफ हैं और यह बंगाल को कमजोर करने की कोशिश है।
‘बाहरी वोटरों’ का मुद्दा उठाया
ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि बिहार, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जा रहे हैं। उनके अनुसार, चुनाव के दौरान बाहर से लोगों को लाकर मतदान कराया जा सकता है। गरबेता में आयोजित एक अन्य रैली में ममता बनर्जी ने साफ कहा कि जब तक उनकी सरकार है, तब तक बंगाल में NRC लागू नहीं होगा और न ही कोई डिटेंशन कैंप बनेगा।
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