फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

West Bengal: 'भाजपा से हिंदुत्व सीखने की जरूरत नहीं', एसआईआर के विरोध में आयोजित एक रैली में बोलीं सीएम ममता

Wed, 03 Dec 2025 01:49 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मालदा में एंटी-एसआईआर रैली में कहा कि बंगाल और भारत को भाजपा से हिंदुत्व सीखने की जरूरत नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक उद्देश्य से विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) लागू कराना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इसका मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।

विज्ञापन
सीएम ममता बनर्जी - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मालदा में आयोजित एंटी-एसआईआर रैली में कहा कि हमें भाजपा से हिंदुत्व सीखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल और भारत के लोग अपनी परंपराओं और धर्म का सम्मान करते हैं और किसी पार्टी से सीखने की जरूरत नहीं है। इस दौरान सीएम ममता बनर्जी ने यह आरोप भी लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह राज्य में विधानसभा चुनावों से पहले विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) को लागू करने के पीछे हैं।

विज्ञापन


सीएम बनर्जी ने रैली में कहा कि यह कदम राजनीतिक रूप से प्रेरित है और मतदाताओं को अस्थिर करने के लिए उठाया गया। उन्होंने आगे कहा कि अमित शाह किसी भी कीमत पर बंगाल पर कब्जा करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इसका मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। 

ये भी पढ़ें:- West Bengal: 'नहीं छिनेगी 32000 प्राथमिक स्कूल शिक्षकों की नौकरियां'; कलकत्ता हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पलटा फैसला
विज्ञापन


भाजपा पर साधा निशाना
सीएम ममता ने आगे भाजपा पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लागू करके पार्टी ने अपनी ही राजनीतिक समस्या बढ़ा ली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी टीएमसी इस प्रक्रिया का विरोध नहीं कर रही है, लेकिन इसे जल्दबाजी में कर राजनीति के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। बनर्जी ने कहा कि 12 दिसंबर से 'मे आई हेल्प यू' कैंप पूरे राज्य में शुरू होंगे, ताकि लोगों को एसआईआर सुनवाई में मदद मिल सके। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Rahul Gandhi: 'खुला विश्वासघात...', जाति जनगणना पर संसद में मिले जवाब पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा

सुनाली खातून मामले का किया जिक्र

इस दौरान सीएम ममता ने सुनाली खातून मामले का भी जिक्र किया, वह गर्भवती महिला थीं जिन्हें आठ साल के बेटे के साथ बांग्लादेश भेज दिया गया था। बनर्जी ने सवाल उठाया कि सुनाली भारतीय होने के बावजूद बीएसएफ ने उन्हें क्यों सीमा पार भेजा। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनके रहते बंगाल के किसी भी नागरिक को डिटेंशन कैंप नहीं भेजा जाएगा और न ही उन्हें सीमा पार किया जाएगा।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें