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Bengal Politics: 'जय हिंद' और 'वंदे मातरम' नारे पर CM ममता से सवाल, गुस्से से लाल दीदी ने पूछा- क्यों नहीं...?

Wed, 26 Nov 2025 06:11 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।

सार

Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जब राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी बुलेटिन पर राय पूछी गई तो वह भड़क गईं। वंदे मातरम और जय हिंद के नारे को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा- क्यों नहीं बोलेंगे?
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यसभा की ओर से जारी किए गए बुलेटिन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। दरअसल, राज्यसाभ के बुलेटिन में सदन के अंदर थैंक्यू, धन्यवाद, जय हिंद और वंदे मातरम या अन्य किसी भी नारे पर रोक लगाने की बात कही गई है।
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मुख्यमंत्री ममता ने वंदे मातरम और जय हिंद को लेकर सवाल पर कहा, क्यों नहीं बोलेंगे? हम जय बांग्ला, बांग्ला में बोलते हैं। वंदे मातरम कहते हैं। यह हमारा आजादी का नारा है। राष्ट्रगीत है। जय हिंद नेताजी (सुभाष चंद्र बोस) का नारा है। जिस नारे को लेकर हम लोगों ने लड़ा है। यह हमारे देश का नारा है। इससे जो टकराएगा, चूर-चूर हो जाएगा। 
 

ममता बनर्जी ने संविधान दिवस के अवसर पर रेड रोड पर बीआर आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया पर भी बात की। उन्होंने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को 'खुदे कुरसी बाबू' (खुद के कुर्सी बाबू) बताते हुए पूछा कि बीएलओ को अपनी बात रखने के लिए घंटों बाहर क्यों इंतजार करवाया गया।
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उन्होंने कहा, बीएलओ केवल बंगाल में नहीं, बल्कि गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, केरल और तमिलनाडु में भी काम के बोझ से परेशान हैं। इन अधिकारियों की मांगें बिल्कुल जायज हैं। दो दिन तक बाहर बैठकर उन्हें क्यों इंतजार करना पड़ा? क्या उनके समय की कोई कीमत नहीं? ममता ने कहा कि बीएलओ सर्वर की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे वे समय पर मतदाताओं का डाटा अपलोड नहीं कर पा रहे। उन्होंने दोहराया कि एसआईआर प्रक्रिया दो महीने की बजाय तीन साल में की जानी चाहिए।
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उन्होंने कहा, दो दिन इंतजार कराने के बाद पहले एक प्रतिनिधि को बुलाया गया। बाद में पुलिस की अनुरोध पर दो और को बुलाया गया। यह कैसा अहंकार है? क्या लोग अपनी शिकायतें दर्ज कराने का हक नहीं रखते?

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