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Politics: 'केंद्र कभी US तो कभी चीन के सामने गिड़गिड़ा रहा', ममता ने विदेशी अधिनियम को बताया चुनावी हथकंडा

Thu, 04 Sep 2025 06:00 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विदेशी अधिनियम के तहत दिए गए केंद्र के हालिया आदेश को हास्यास्पद और चुनावी हथकंडा करार दिया। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ चुनावी हथकंडा है, लेकिन इस बार यह काम नहीं करेगा।' वहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने विदेशी ताकतों के सामने भारत की 'प्रतिष्ठा' बेच दी है।
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ममता बनर्जी, सीएम, पश्चिम बंगाल - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विदेशी अधिनियम के तहत हाल ही में दिए गए आदेश को 'हास्यास्पद' और 'चुनावी हथकंडा' करार दिया। इस आदेश में पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को बिना वैध दस्तावेजों के भी भारत में रहने की अनुमति दी गई है। सीएम बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने विदेशी ताकतों के सामने भारत की 'प्रतिष्ठा' बेच दी है। उन्होंने कहा केंद्र कभी 'अमेरिका के सामने तो कभी चीन के सामने गिड़गिड़ा रहा है।'

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पश्चिम बंगाल विधानसभा में बंगाली प्रवासियों पर कथित अत्याचारों की निंदा करने वाले एक सरकारी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सीएम ममता दावा किया कि यह कदम केवल चुनाव से पहले जनता को गुमराह करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने भाजपा पर मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ चुनावी हथकंडा है, लेकिन इस बार यह काम नहीं करेगा।'

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क्या बिना दस्तावेज रहने वाले लोगों को वोट देने का अधिकार भी मिलेगा?
टीएमसी सुप्रीमो ने सवाल उठाया कि संसद में इस नए नियम पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने पूछा, 'इतने अहम मुद्दे पर न चर्चा हुई, न बहस, न संसदीय समिति में विचार। फिर भाजपा अकेले कैसे ऐसा फैसला ले सकती है?' मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि जिन लोगों को बिना दस्तावेज रहने की अनुमति दी जा रही है, क्या उन्हें वोट देने का अधिकार भी मिलेगा? उन्होंने पूछा, 'वे (सरकार) कह रहे हैं कि बिना दस्तावेजों के आने वालों को रहने देंगे। तो क्या उन्हें चुनाव में वोट देने दिया जाएगा? क्या उन्हें आधार और राशन कार्ड मिलेंगे?'

आरोप- भाजपा ने पहले भी किए ऐसे झूठे वादे
सीएम बनर्जी ने आगे कहा, 'क्या आप 2024 तक आने वालों को राशन, नागरिकता और सांविधानिक अधिकार देंगे? भाजपा को यह साफ करना चाहिए, क्योंकि नए आदेश में इन महत्वपूर्ण बातों का कोई जिक्र नहीं है।' उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले भी ऐसे 'झूठे वादे' किए थे, लेकिन हकीकत में कितनों को नागरिकता दी गई?

बंगाल को अपना उपनिवेश बनाना चाहती है भाजपा
अन्य राज्यों में बंगाली प्रवासियों पर हमलों पर एक सरकारी प्रस्ताव पर राज्य विधानसभा में चर्चा में भाग लेते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा की 'तानाशाही मानसिकता' है। उन्होंने कहा कि भगवा पार्टी 'पश्चिम बंगाल को अपना उपनिवेश बनाना' चाहती है। जैसे ही बनर्जी प्रस्ताव पर बोलने वाली थीं, हंगामा शुरू हो गया। उन्होंने कहा, 'भाजपा ने विदेशी ताकतों के सामने भारत की प्रतिष्ठा बेच दी है। केंद्र कभी चीन के सामने तो कभी अमेरिका के सामने गिड़गिड़ा रहा है। वे देश नहीं चला सकते या देश के हितों की रक्षा नहीं कर सकते, फिर भी वे हमें उपदेश देने की हिम्मत करते हैं।'
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क्या है केंद्र का नया विदेशी अधिनियम आदेश
आव्रजन और विदेशी अधिनियम, 2025 के तहत जारी केंद्र के आदेश के मुताबिक, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न झेलकर आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोग, जो 31 दिसंबर 2024 तक भारत आ गए हों, उन्हें बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के भी यहां रहने की अनुमति होगी। वहीं, नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), 2019 के तहत ऐसे ही समुदायों को 31 दिसंबर 2014 तक भारत आने पर नागरिकता का अधिकार है।

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