पश्चिम बंगाल की हाई सिक्योरिटी सेल से आतंकी के पास तीन मोबाइल, आईफोन, सिम, राउटर, पेन ड्राइव और 31 हजार रुपये मिले। वहीं, यह सवाल उठ रहे हैं कि छह कैमरों और 24 घंटे निगरानी के बावजूद डिजिटल उपकरण सेल तक कैसे पहुंचे? इसकी एसटीएफ जांच कर रही है।
कोलकाता की प्रेसिडेंसी जेल में आतंकी अफताब अंसारी की हाई सिक्योरिटी सेल से मोबाइल फोन और अत्याधुनिक संचार उपकरण मिलने के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को अचानक जेल पहुंच गए। मुख्यमंत्री करीब सवा दो बजे जेल पहुंचे। उनके अचानक जेल पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हलचल बढ़ गई। हालांकि, मुख्यमंत्री की ओर से दौरे को लेकर तत्काल कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
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मुख्यमंत्री ने जेल परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों की कार्यशाला और विभिन्न वार्डों का जायजा लिया तथा बंदियों से उनकी सुविधाओं और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने ऋषि अरविंद की प्रतिमा और उनके नाम से जुड़े सेल का भी निरीक्षण किया।
अफताब की सेल से मिला डिजिटल संचार तंत्र
23 अगस्त को जेल में तलाशी के दौरान अमेरिकी सूचना केंद्र पर हमले के दोषी अफताब अंसारी की सेल से तीन मोबाइल फोन, तीन सक्रिय सिम कार्ड, दो राउटर, वाई-फाई उपकरण, 128 जीबी की पेन ड्राइव, कार्ड रीडर, ओटीजी उपकरण, ईयरफोन और 31 हजार रुपये नकद बरामद किए गए थे। इनमें एक आईफोन भी शामिल है। अफताब को उच्च सुरक्षा वाले 1/22 वार्ड की 14 नंबर सेल में रखा गया था। वहां छह कैमरों से निगरानी और 24 घंटे सुरक्षा के बावजूद इतने उपकरण उसकी सेल तक कैसे पहुंचे, इसकी जांच चल रही है।
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एसटीएफ खंगाल रही संपर्कों का नेटवर्क
मामले की जांच सोमवार को कोलकाता पुलिस की विशेष कार्यबल (एसटीएफ) को सौंप दी गई। हेस्टिंग्स थाने में प्राथमिकी भी दर्ज हुई है। एसटीएफ बरामद उपकरणों की तकनीकी जांच के साथ यह पता लगा रही है कि अफताब ने इनका इस्तेमाल किन लोगों से संपर्क के लिए किया। वाट्सऐप और टेलीग्राम समेत अन्य संचार माध्यमों तथा संभावित विदेशी संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी आतंकी साजिश या विदेशी संपर्क की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मई में भी मिले थे 23 मोबाइल
प्रेसिडेंसी जेल में मोबाइल मिलने का यह पहला मामला नहीं है। मई में तलाशी के दौरान जेल से 23 मोबाइल फोन बरामद हुए थे और दो जेल अधिकारियों को निलंबित किया गया था। उस समय भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जेलों में अपराधियों और कर्मचारियों के बीच कथित मिलीभगत को लेकर कड़ा संदेश दिया था। ऐसे में अफताब की सेल से डिजिटल उपकरण मिलने के बाद मुख्यमंत्री का अचानक जेल पहुंचना खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।