नहर में बहते हुए मिला था लड़की का शव
एक लड़की (17 वर्षीय) की मौत को लेकर हुई हिंसा के मद्देनजर छापे के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर गोलीबारी की थी जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। लड़की 20 अप्रैल को ट्यूशन पढ़ने गयी थी, लेकिन लौटकर घर नहीं आई। अगले ही दिन उसका शव कालियागंज की एक नहर में बहता हुआ पाया गया था।
लड़की की मौत की जांच नहीं करेगा सीआईडी
अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया कि सीआईडी लड़की की मौत की जांच नहीं करेगा। उन्होंने बताया, "हम उस व्यक्ति की मौत की जांच करेंगे, जो कालियागंज में पुलिस छापे के दौरान गोलीबारी में मारा गया था। हम लड़की की मौत की जांच नहीं करेंगे। हमने आज सुबह से अपना काम शुरू कर दिया है।"
हिंसक हो गए थे विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी
लड़की की मौत को लेकर विरोध जता रहे प्रदर्शनकारी पिछले हफ्ते हिंसक हो गये थे। भीड़ ने कालियागंज थाने में आग लगा दी थी और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की पिटाई कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया और उसकी हत्या कर दी गई, हालांकि, प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है।
हमला करने वालों की तलाश में पुलिस ने की थी छापेमारी
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि कालियागंज थाने पर हमला करने वालों की तलाश में 27 अप्रैल को लगभग दो बजे कालियागंज के राधिकापुर इलाके में मृत्युंजय बर्मन (33 वर्षीय) के घर पर छापेमारी की गयी थी और इस दौरान वह 'पुलिस गोलीबारी में मारे गए' थे।
मृतक के भाई ने दर्ज कराया पुलिस अधिकारी के खिलाफ मामला
मृतक के बड़े भाई ने कालियागंज थाने के एक सहायक उपनिरीक्षक के खिलाफ कथित 'हत्या' में शामिल होने का मामला दर्ज कराया है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया था कि बर्मन को पुलिस ने गोली मार दी थी। उन्होंने ट्विटर पर एक शव की तस्वीर और वीडियो भी साझा किया। हालांकि, रायगंज पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस आरोप को खारिज कर दिया है।