पश्चिम बंगाल में सोमवार को सरस्वती पूजा के दौरान कई जगहों पर सरस्वती पूजा में बाधा डाली गई तो कई जगह पुलिस के पहरे में पूजा-अर्चना की गई। नदिया जिले के चापड़ा के कलिंग इलाके में देवी सरस्वती की प्रतिमा को तोड़ दिया गया। यहां एक विशेष समुदाय के लोगों पर प्रतिमा तोड़ने का आरोप लगा है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
बताया गया है कि बीरभूम जिले के बोलपुर में एक स्कूल में विशेष समुदाय की आपत्तियों के कारण पूजा आयोजित नहीं की गई। इसे लेकर छात्रों के अभिभावकों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। यहां हालात को संभालने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) को उतारना पड़ा। इसी तरह हुगली जिले के बलाई बेड़िया स्थित स्कूल में एक खास समुदाय से जुड़े लोगों की आपत्ति के चलते सरस्वती पूजा रोक दी गई।
सूत्रों के मुताबिक नदिया जिले के हरिनघाटा में एक प्राथमिक विद्यालय में सरस्वती पूजा का आयोजन नहीं करने की धमकी दी गई थी। आरोप तृणमूल बूथ अध्यक्ष अलीमुद्दीन मंडल पर लगा है। हालांकि, स्थानीय लोगों के भारी विरोध के बाद यहां पूजा आयोजित की गई।
इसके अलावा अनेक जगहों पर पुलिस की पहरेदारी में पूजा आयोजित की गई। पूर्व मेदिनीपुर के नंदीग्राम में एक मुस्लिम बहुल इलाके में स्थित एक कॉलेज, हावड़ा के उलुबेडिय़ा में स्थित एक स्कूल समेत जिलों के अनेक शिक्षण प्रतिष्ठानों में पुलिस की निगरानी में सरस्वती पूजा की गई।
हिंदू आस्था पर सीधा हमला: शुभेंदु
वहीं इन घटनाओं पर बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि बंगाल में मुस्लिम सरस्वती पूजा में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। यह हिंदू आस्था पर सीधा हमला है। मुख्यमंत्री ने बंगाल को बांग्लादेश बना दिया है।