केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा की गई भर्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में शुक्रवार को छह लोगों को गिरफ्तार किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोग कथित तौर पर एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। ये उम्मीदवारों से पैसा इकट्ठा कर रहे थे और राज्य भर के विभिन्न स्कूलों में उन्हें रोजगार की सुविधा प्रदान कर रहे थे।
सीबीआई अधिकारी ने कहा कि हमें उनके खिलाफ विशिष्ट सबूत मिले हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों से सीबीआई लंबे समय से पूछताछ कर रही थी। गौरतलब है कि अनियमितताओं के सिलसिले में एजेंसी द्वारा पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
शिक्षक भर्ती घोटाले में हाई कोर्ट के आदेश पर 1911 कर्मचारियों की छिनी नौकरी
बता दें कि पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट से बीते शुक्रवार (10 फरवरी) को बड़ा फैसला आया था। हाई कोर्ट के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) को ग्रुप 'डी' के 1,191 अनुशंसा पत्रों को तुरंत वापस लेने का निर्देश दिया। न्यायाधीश ने कहा कि मेरा मानना है कि इन सभी उम्मीदवारों की अवैध भ्रष्टाचार द्वारा सिफारिश की गई थी। एसएससी के वकील ने शुक्रवार को कोर्ट में माना कि ग्रुप-डी के 1,911 उम्मीदवारों की भर्ती गलत तरीके से की गई थी।
जांच के बाद आयोग ने कोर्ट के हलफनामे में माना कि उन अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं (ओएमआर शीट्स) में छेड़छाड़ कर नौकरी के अनुशंसा पत्र दिए गए थे। कोर्ट के आदेश के बाद एसएससी की ओर से अधिसूचना जारी कर इन आरोपियों की नौकरी रद्द करने का आदेश दिया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि उस समय एसएससी का अध्यक्ष कौन था। इस पर वकील ने कोर्ट को सुबीरेश भट्टाचार्य का नाम बताया।
कोर्ट का निर्देश मिलते ही वेबसाइट पर नोटिस देकर उन अभ्यर्थियों की अनुशंसा वापस ले ली गई। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने कहा कि मैं सुबिरेश भट्टाचार्य को निर्देश देता हूं, जिनके कहने पर इतनी अवैध नियुक्तियां की गई हैं, उनके नाम तुरंत दें। उनके नाम सामने आने चाहिए, जो इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर सीबीआई अवैध रूप से भर्ती किए गए लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है।