पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र से आर्थिक सहयोग न मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जनहितकारी बजट पेश किया है। बजट में लक्ष्मी भंडार योजना, युवाओं को भत्ता और कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी की घोषणा की गई है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट पेश होने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र से पर्याप्त आर्थिक सहयोग न मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने आम जनता को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय चुनौतियों और संसाधनों की कमी के बावजूद बंगाल सरकार ने ऐसा बजट तैयार किया है, जो समाज के हर वर्ग को राहत देने वाला है। उनके मुताबिक यह बजट राज्य की विकासात्मक प्राथमिकताओं और सामाजिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वित्तीय अनुशासन पर जोर
ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किया गया बंगाल बजट वित्तीय अनुशासन का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने सीमित संसाधनों के बावजूद खर्च और आय के बीच संतुलन बनाए रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि उन्हें ज़मीन पर प्रभावी ढंग से लागू करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह बजट बंगाल की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाएगा।
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4.06 लाख करोड़ का अंतरिम बजट
पश्चिम बंगाल विधानसभा में राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया। इस बजट में राज्य सरकार की सबसे लोकप्रिय योजना ‘लक्ष्मी भंडार’ को और मजबूत करने का ऐलान किया गया। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य की 2.42 करोड़ महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता राशि में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ी हुई राशि फरवरी 2026 से लागू होगी। हालांकि, विपक्ष इस फैसले को आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़कर देख रहा है।
गिग वर्कर्स, कर्मचारियों और युवाओं पर फोकस
बजट में गिग वर्कर्स को राज्य की मौजूदा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, जैसे ‘स्वास्थ्यसाथी’, के दायरे में लाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 4 प्रतिशत बढ़ोतरी का एलान किया है। इसके अलावा आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के भत्ते में 1000 रुपये की बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी बजट में शामिल है। ममता सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए भी नई पहल करते हुए पांच साल तक 1500 रुपये मासिक भत्ता देने की योजना का एलान किया है, जिसे जल्द लागू करने की बात कही गई है।