फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंगाल : बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव बोले- दीदी के सामने क्यों नहीं चला 'मोदी मैजिक', संगठन करे विचार

Sun, 02 May 2021 10:39 PM IST
योगेश साहू राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

भाजपा सचिव बोले- बंगाल में नहीं चला 'मोदी मैजिक', टीएमसी छोड़ भाजपा में आए लोगों को टिकट देना पड़ा भारी।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को धमाकेदार बहुमत मिल गया है। दीदी के जीत के बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है कि चुनाव में दमखम से उतरने वाली भाजपा आखिर कहां चुक गई। क्यों पार्टी 100 आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी। अब राष्ट्रीय स्तर के नेता भी बंगाल चुनावों में पार्टी की चूक को मान रहे हैं। उनका मानना है कि आखिर क्यों पीएम मोदी का करिश्मा बंगाल में नहीं चल सका।

विज्ञापन


भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व सांसद अनुपम हाजरा ने अमर उजाला से चर्चा करते हुए कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे बड़े नेता की जन्मस्थली पर पार्टी का नहीं जीत पाना हमारे लिए बहुत बड़ा झटका है। सोचा भी नहीं था कि ऐसे परिणाम आएंगे। पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं से चर्चा करना बेहद जरूरी हो गया है। ताकि पता लग सके कि पार्टी से कहां-कहां चूक हुई है। हालांकि आज पार्टी बंगाल में 3 सीटों से 70 या उससे कुछ ज्यादा सीटों पर आई है तो ये केवल पीएम मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और बंगाल के कार्यकर्ताओं की मेहनत के कारण संभव हो पाया है।

उन्होंने आगे कहा कि एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप से पहले हमें ये देखना होगा कि कहां और क्यों चुके। जिसकी भी जिम्मेदारी है उसे आगे आकर स्वीकार करना चाहिए। ताकि भविष्य में भूलों को सुधारा जा सके। पश्चिम बंगाल की जनता दस वर्षों से ममता बनर्जी और टीमएसी के कार्यकर्ताओं से परेशान है। इसके बाद भी जनता ने हमें वोट क्यों नहीं दिया, इसका कारण तो जानना ही होगा। कहीं न कहीं पार्टी बंगाल की जनता की नब्ज समझने में नाकाम रही।
विज्ञापन


भाजपा की हार के कारणों के सवाल पर हाजरा ने बताया कि जो लोग टीमएसी छोड़कर भाजपा में आए। उन्हें टिकट दिया गया, जबकि पार्टी के वर्षों पुराने कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया गया। इससे कहीं न कहीं जमीनी कार्यकर्ताओं में अंसतोष के स्वर भी देखने को मिले। जिसे नजरअंदाज कर दिया गया। आज पीएम मोदी का करिश्मा देश ही नहीं विदेश में भी है, लेकिन ये करिश्मा बंगाल में क्यों नहीं चला सका। इस पर भी सोचने की जरूरत है। 

इसके अलावा पार्टी के कई नेता ऐसे हैं जिन्हें चुनावों में कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई और मैदान में भी नहीं उतारा गया। जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा। वहीं पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की टीमों के साथ बंगाल भाजपा की टीम का तालमेल भी ठीक नहीं था। अगर लोकल कार्यकर्ताओं के साथ केंद्रीय नेतृत्व की टीम को बेहतर तरीके से जोड़ा जाता तो परिणाम इससे बेहतर हो सकते थे।



गौरतलब है कि बंगाल विधानसभा चुनावों के परिणाम में टीमएसी को 214 के आसपास सीटें हासिल होती दिख रही हैं। उधर, मीडिया से बातचीत में हार स्वीकार करते हुए ममता ने चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने नंदीग्राम में बीजेपी के प्रवक्ता के रूप में काम किया है। ममता ने आरोप लगाया है कि चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद कुछ हेरफेर की गई है। इसको लेकर वह कोर्ट जाएंगी और जल्द इसका खुलासा करेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें