पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने राज्यभर में ‘परिवर्तन यात्रा’ निकालने की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 2 मार्च को इस यात्रा को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाएंगे। प्रदेश भाजपा से मिली जानकारी के अनुसार, अमित शाह 1 मार्च को रात करीब 10 बजे कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वे प्रदेश नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी बहुप्रचारित 'परिवर्तन यात्रा' का टीजर लॉन्च कर दिया। कोलकाता में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार, यात्रा संयोजक नीलांजन रॉय, यात्रा प्रमुख रितेश तिवारी तथा भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एडवोकेट देवजीत सरकार मौजूद रहे। भाजपा ने यात्रा का केंद्रीय नारा दिया है- 'पलटानो दरकार, चाहिए बीजेपी सरकार'। पार्टी के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य 'सर्वांगीण कल्याण हेतु विकसित पश्चिम बंगाल' का निर्माण है।
रायदिघी से औपचारिक शुरुआत
भाजपा नेताओं के अनुसार, 2 मार्च की सुबह दक्षिण 24 परगना जिले के रायदिघी विधानसभा क्षेत्र से परिवर्तन यात्रा का औपचारिक शुभारंभ होगा। यहां अमित शाह कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इसी दिन राज्य के चार अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से चार समानांतर परिवर्तन यात्राएं एक साथ शुरू की जाएंगी। इनमें—
- कूचबिहार जिले का कूचबिहार दक्षिण।
- नदिया जिले का कृष्णनगर दक्षिण।
- पश्चिम बर्दवान जिले का कुल्टी।
- पश्चिम मेदिनीपुर जिले का गरबेता शामिल हैं।
परिवर्तन का संदेश पहुंचाएगी यात्रा- भाजपा
भाजपा का दावा है कि ये यात्राएं राज्य के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए जनता तक “परिवर्तन का संदेश” पहुंचाएंगी। प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि वर्ष 2011 में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद जो बदलाव का वादा किया गया था, वह पूरा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य को भ्रष्टाचार और छलावा मिला है। उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया पूरे देश में चल रही है, जिनमें केरल और तमिलनाडु जैसे गैर-भाजपा शासित राज्य भी शामिल हैं, लेकिन केवल पश्चिम बंगाल में इसे लेकर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया जा रहा है। उनके अनुसार, राज्य की जनता अब वास्तविक परिवर्तन चाहती है। भट्टाचार्य ने बताया कि परिवर्तन यात्रा 1 और 2 मार्च से शुरू होकर 10 मार्च को कोलकाता में संपन्न होगी। इस दौरान 64 विशाल जनसभाएं, लगभग 300 स्वागत कार्यक्रम और 250 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया जाएगा। समापन अवसर पर नरेंद्र मोदी की विशाल रैली 'ब्रिगेड चलो' के रूप में ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित होगी।
शुभेंदु अधिकारी और सुकांत मजूमदार क्या बोले
नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि लगभग 50 लाख लोग भाजपा से जुड़े हैं, जो एक ऐतिहासिक संख्या है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विकास का गारंटर बताते हुए कहा कि राज्य राजनीतिक और जनसांख्यिकीय संघर्ष के कारण कमजोर हो रहा है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार सृजन और उद्योग के मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरा। डॉ. सुकांत मजूमदार ने कहा कि यह यात्रा बंगाल के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि 1000 से अधिक मंडलों को कवर किया जाएगा और प्रतिदिन लगभग 110 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। कुल नौ परिवर्तन यात्राओं का शुभारंभ किया जाएगा। भाजपा ने राज्य के सभी नागरिकों से इस अभियान में भाग लेने की अपील करते हुए दावा किया कि यह यात्रा 'निःस्वरों को आवाज और भयभीतों को साहस' देने का माध्यम बनेगी।
अनुमति को लेकर विवाद, हाईकोर्ट में याचिका
इधर, राज्य पुलिस ने परिवर्तन यात्रा के लिए अनुमति नहीं दी है। इसके बाद भाजपा ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने 22 फरवरी को संबंधित थानों में अनुमति के लिए आवेदन दिया था, लेकिन मंजूरी नहीं मिलने पर अदालत में याचिका दायर की गई। सूत्रों के अनुसार, जस्टिस शुभ्रा घोष की अदालत में मामले की सुनवाई होने की संभावना है। भाजपा का कहना है कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत अनुमति हासिल कर कार्यक्रम को सफल बनाएगी। राज्य की सियासत में इस घोषणा के बाद हलचल तेज हो गई है। अब सबकी नजरें अदालत के फैसले और अमित शाह के प्रस्तावित दौरे पर टिकी हैं।