पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में बांग्लादेशी तस्करों ने दक्षिण बंगाल सीमांत की सीमा सुरक्षा बल के जवानों पर हमला कर तस्करी का प्रयास किया। घटना 32वीं वाहिनी की सीमाचौकी मतियारी में हुई, जहां जवानों ने घातक हमले का साहसपूर्वक सामना करते हुए तनावपूर्ण स्थिति में भी संयम बनाए रखा।
तस्करों द्वारा गंभीर खतरा पैदा किए जाने पर जवानों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिससे तस्करी का प्रयास विफल हुआ। कार्रवाई में एक बांग्लादेशी तस्कर की मौत हो गई, जबकि अन्य तस्कर वापस बांग्लादेश की ओर भाग निकले। मौके से 1 कटर, 4 तेज धारदार हथियार, 96 फेंसेडिल की बोतलें और दो विदेशी शराब की बोतलें बरामद हुईं।
बीएसएफ के मुताबिक, भारत-बांग्लादेश सीमा के नजदीक 6–7 लोगों की संदिग्ध गतिविधि देखकर जवानों को शक हुआ। उनके हाथों में प्लास्टिक के पैकेट थे, जिन्हें वे कंटीली तार के पार फेंकने की कोशिश कर रहे थे। जवानों ने पहले उन्हें रुकने की चेतावनी दी और हवा में फायर भी किया, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। जवानों के करीब आते ही कथित तस्करों ने दा और धारदार हथियारों के साथ बीएसएफ टीम पर हमला करने की कोशिश की। हालात बेकाबू होते देख जवानों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें एक तस्कर मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा। बाकी आरोपी उसे छोड़कर बांग्लादेश की ओर भाग निकले।
घायल युवक को बीएसएफ के जवान तत्काल कृष्णगंज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना कृष्णगंज थाना पुलिस को दे दी गई है। मृतक की पहचान पता लगाने की कोशिश की जा रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बीएसएफ दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के डीआईजी नीलोत्पल पांडे ने बताया कि मौके से प्रतिबंधित कफ सिरप, धारदार हथियार और शराब की बोतलें बरामद की गई हैं। उन्होंने कहा, जवानों ने पहले समझाया, फिर हवा में गोली चलाई। लेकिन तस्कर आक्रामक हो गए, जिसके बाद आत्मरक्षा में फायर करना मजबूरी था। घटना की रिपोर्ट बीएसएफ के शीर्ष अधिकारियों को भेज दी गई है। पूरी घटना की जांच जारी है।