पश्चिम बंगाल में हिरासत में लिए गए बलविंदर सिंह की रिहाई के लिए उनकी पत्नी करमजीत कौर और बेटा हर्षवीर सिंह नबन्ना के बाहर शनिवार को धरना-प्रदर्शन करेंगे। यह पश्चिम बंगाल सरकार का सचिवालय भवन है। सिंह को 8 अक्तूबर को हावड़ा में भाजपा के प्रदर्शन के दौरान पिस्तौल ले जाने के लिए गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के साथ धक्का-मुक्की के दौरान सिंह की पगड़ी उतर गई थी और घटना सुर्खियों में छा गई थी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद राज्य पुलिस ने उनपर हथियार ले जाने का आरोप लगाया था। पुलिस का कहना है कि पिस्तौल का लाइसेंस बंगाल में वैध नहीं है। हावड़ा जिला पुलिस ने गुरुवार रात को कहा कि सिंह का लाइसेंस केवल जम्मू और कश्मीर के राजौरी में वैध है, जहां इसे जारी किया गया था।
हावड़ा जिला पुलिस ने ट्वीट कर कहा, ‘भारत सरकार के गृह मंत्रालय के हथियार लाइसेंस के राष्ट्रीय डाटाबेस के अनुसार श्री बलविंदर सिंह का शस्त्र लाइसेंस केवल जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में वैध है। उन्हें एक हथियार के साथ गैरकानूनी सभा का हिस्सा होने के कारण गिरफ्तार किया गया था। कृपया मनगढ़त सोशल मीडिया पोस्टों से बचें। सच्चाई का पता लगाने के लिए गहन जांच की जा रही है।’
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कौर ने गुरुवार शाम पंजाबी में जारी किए गए एक वीडियो संदेश में कहा, ‘मैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलना चाहती हूं। मैंने कई बार अपील की लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। मैं और मेरा बेटा शनिवार सुबह 11 बजे आपके कार्यालय के बाहर धरना देना शुरू करेंगे। मैं सभी सिख संगत (संघों या समूहों) से उनकी बहन के साथ खड़े होने की अपील करती हूं। मैं अपने पति की रिहाई चाहती हूं।’
वहीं इस मामले पर बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि सिंह एक निजी सुरक्षा एजेंसी के लिए काम करते हैं और उन्हें भाजपा के युवा विंग के नेताओं में से एक को सुरक्षा प्रदान करने के लिए तैनात किया गया था। मिदनापुर से लोकसभा सांसद ने बुधवार को कहा, ‘यहां तक कि मेरे सुरक्षाकर्मियों के पास भी उस दिन बंदूकें थीं।’
गुरुवार को कोलकाता के सिख समुदाय के सदस्यों ने बलविंदर सिंह के लिए न्याय की मांग करते हुए संत कुटिया गुरुद्वारा, भवानीपुर में मौन प्रदर्शन किया। उन्होंने सिंह की तस्वीर के साथ पोस्टर लगाए। समुदाय के लोगों ने मुख्यमंत्री को एक पत्र भी लिखा है।