पश्चिम बंगाल के फलता में मतदान को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है, जहां भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी की जीत का सवाल ही नहीं है। उनका बयान उस समय आया, जब चुनाव आयोग ने 285 केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला किया है, क्योंकि 29 अप्रैल के मतदान में गंभीर गड़बड़ियां और प्रक्रिया में बाधा सामने आई थी। पढ़िए रिपोर्ट-
पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में मतदान को लेकर सियासी तनाव बढ़ गया है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दिलीप घोष ने रविवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की जीत की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा, हाल की घटनाएं टीएमसी अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए कर रही है।
विज्ञापन
भाजपा नेता दिलीप घोष ने क्या कहा?
दिलीप घोष ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, टीएमसी के जीतने की कोई संभावना नहीं है। वे यह सब अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया, इस क्षेत्र में लंबे समय से लोगों को वोट देने से रोका जाता रहा है और डराया-धमकाया जाता रहा है।
उन्होंने दावा किया, पहले चुनाव के समय लोगों के मतदाता पहचान पत्र तक छीन लिए जाते थे। अब लोग खुलकर सामने आ रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्हें वोट डालने से रोका जा रहा है व धमकी दी जा रही है।
विज्ञापन
फलता के सभी 285 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान
दिलीप घोष का यह बयान ऐसे समय आया है, जब निर्वाचन आयोग (ईसी) ने फलता विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर फिर से मतदान कराने का आदेश दिया है।
निर्वाचन आयोग ने क्या कहा?
निर्वाचन आयोग ने कहा कि 29 अप्रैल को हुए मतदान में गंभीर चुनावी गड़बड़ियां पाई गईं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया बाधित हुई। आयोग के अनुसार, 21 मई को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक सभी मतदान केंद्रों पर फिर से मतदान होगा। फलता के मतगणना 24 मई को अलग से की जाएगी। बाकी क्षेत्रों की मतगणना चार मई को होगी।
इसके अलावा, डायमंड हार्बर और मगराहाट निर्वाचन क्षेत्रों के 15 केंद्रों पर भी दोबारा मतदान का आदेश दिया गया है। इन घटनाओं के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति और ज्यादा गरमा गई है और सभी दल दोबारा मतदान और आने वाले परिणामों की तैयारी में जुट गए हैं।