इस बार के विधानसभा चुनाव में उत्तर बंगाल दोनों पार्टियों के लिए कुछ ज्यादा ही महत्वपूर्ण है। चाहे टीएमसी हो या भाजपा। भाजपा उत्तर बंगाल पर अपना निशाना साधने की जुगत में है, क्योंकि पार्टी बखूबी जानती है कि ममत को अगर निशाना बनाना है तो उसके सबसे कमजोर कड़ी को तोड़ना आवश्यक है और टीमएमसी की कमजोर कड़ी है उत्तर बंगाल। यहां पिछले विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी पार्टी खाता तक भी नहीं खोल पाई थी। इस लिहाज से भाजपा का मनोबल और बढ़ गया है और पार्टी यहां अपनी पकड़ बनाने में जुट गई है। अगर एक नजर लोगसभा के चुनाव पर डाले तो भाजपा ने उत्तर बंगाल में बेहतर प्रदर्शन किया था। ये और बात है कि विधानसभा और लोगसभा चुनाव के अलग अलग मायने होते हैं। भाजपा ने उत्तर बंगाल की आठ लोकसभा सीट में से सात सीटें जीती थीं। कूचबिहार, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, रायगंज, बालूरघाट, उत्तरी मालदा में भाजपा ने कमल खिलाया था। मगर भाजपा की पुरजोर कोशिश उत्तर बंगाल को फतह करने की है और वह उसी दिशा में काम कर रही है।
जानकार बताते हैं कि टीएमसी का फोकस उत्तर बंगाल पर उतना नहीं है जितना होना चाहिए। इसके पीछे की वजह ये है कि यहां 2019 के आम चुनाव और 2011 व 2016 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी एक तरह से फेल होना। आम चुनाव में टीएमसी एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। सत्ताधारी पार्टी 2011 के विधानसभा चुनाव में 16 सीटें ही जीत पाई थी। वहीं, 2016 में 54 में से 26 सीटें मिली थीं। उत्तर बंगाल के 8 जिलों में कुल 54 विधानसभा सीटें हैं। साल 2016 के विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी टीएमसी इनमें से 26 सीटें जीत सकी थी। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और मालदा जिले में टीएमसी खाता तक नहीं खोल पाई थी। इन जिलों में कुल 18 विधानसभा सीटें हैं। हालांकि, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिले की 21 में से 20 विधानसभा सीटें टीएमसी ने जीती थीं और एक सीट बीजेपी के खाते में गई थी।
बता दें कि बंगाल में 294 सीटों के लिए आठ चरणों में वोटिंग होगी। 27 मार्च को पहले चरण के लिए मतदान होंगे। पहले चरण में 38 सीटों पर वोटिंग होगी। दूसरे चरण का मतदान 1 अप्रैल को होगा, इसके तहत 30 सीटों पर लोग वोट डालेंगे। तीसरे चरण की वोटिंग के लिए 6 अप्रैल का दिन तय किया गया है, जहां 31 सीटों पर लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। 10 अप्रैल को चौथे चरण में 44 सीटों पर वोटिंग होगी। पांचवें चरण का चुनाव 17 अप्रैल को होगा, जहां 45 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इसके अलावा 22 अप्रैल को छठे चरण में 41 सीटों, 26 अप्रैल को सातवें चरण के तहत 36 सीटों तो वहीं आखिरी और आठवें चरण में 35 सीटों पर वोटिंग होगी। दो मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।