हावड़ा पुलिस ने अंजनी पुत्र सेना को राम नवमी शोभायात्रा आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि पिछले साल भी रैली आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई थी, क्योंकि 2022 और 2023 में राम नवमी शोभायात्रा रैली के दौरान उसी मार्ग पर सांप्रदायिक हिंसा हुई थी।
रैली आयोजित करने के लिए दो वैकल्पिक मार्ग सुझाए गए
पुलिस ने दलील दी कि यह देखा गया कि समूह ने 17.04.2024 को रैली के दौरान कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई शर्तों का उल्लंघन किया। हालांकि, रैली आयोजित करने के लिए दो वैकल्पिक मार्ग सुझाए गए हैं।
इलाका संवेदनशील बताकर खारिज की अर्जी
इस बीच अंजनी पुत्र सेना के संस्थापक-सचिव सुरेन्द्र वर्मा ने कहा, '...पुलिस प्रशासन ने 6 अप्रैल को होने वाली हमारी शोभायात्रा की अनुमति यह कहते हुए खारिज कर दी है कि यह इलाका संवेदनशील है। पिछले साल भी उन्होंने यही कहा था और हमें हाईकोर्ट से अनुमति मिली थी और शांतिपूर्ण जुलूस निकाला गया था।
'लोग सड़कों पर नमाज अदा करते हैं और किसी को किसी तरह की परेशानी नहीं हो'
उन्होंने कहा कि ईद पर लोग सड़कों पर नमाज अदा करते हैं और किसी को किसी तरह की परेशानी नहीं होती, लेकिन जब रामनवमी की बात आती है तो प्रशासन को परेशानी होने लगती है। हर साल वे शोभायात्रा रोकने पर आपत्ति जताते हैं। हम हाईकोर्ट में अपील करेंगे और अनुमति मांगेंगे।'
राज्यपाल ने सरकार से शांतिपूर्ण रामनवमी के लिए कदम उठाए
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने टीएमसी सरकार को निर्देश दिया है कि वह राज्य में रामनवमी को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए एहतियाती कदम उठाए। गुरुवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई। उन्होंने सरकार को किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त बल तैनात करने का भी निर्देश दिया। राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार को यह भी सलाह दी गई है कि वह राज्य के किसी भी हिस्से में किसी भी अप्रिय घटना के बारे में राजभवन को वास्तविक समय पर सूचित करे। रामनवमी 6 अप्रैल को मनाई जाएगी।
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