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West Asia Unrest: भारत ने इस्राइल-ईरान टकराव पर SCO के बयान से किनारा किया, विदेश मंत्रालय ने कही यह बात

Sat, 14 Jun 2025 07:09 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

पश्चिम एशिया में इस्राइल और ईरान टकराव पर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) ने बयान जारी किया है। भारत ने इस बयान से किनारा कर लिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत से एससीओ ने इस बयान के संबंध में कोई चर्चा नहीं की। बता दें कि इस्राइल के हमले में ईरान के नौ परमाणु वैज्ञानिकों समेत कई सैन्य कमांडर मारे गए हैं। दोनों देशों का बढ़ता टकराव चिंता पैदा कर रहा है।
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विदेश मंत्रालय (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत ने इस्राइल और ईरान के टकराव पर SCO के बयान से किनारा कर लिया है। शनिवार को विदेश मंत्रालय ने कहा, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) ने इस्राइल और ईरान के बीच हाल के घटनाक्रम पर एक बयान जारी किया है। भारत ने एससीओ के बयान से जुड़ी उपर्युक्त चर्चा में भाग नहीं लिया। ईरान पर किए गए इस्राइली हमलों की निंदा करने वाले बयान से खुद को अलग करते हुए भारत ने स्पष्ट किया कि उसने उन चर्चाओं में भाग ही नहीं लिया जिसके बाद एससीओ की निंदा करने वाली टिप्पणियां सामने आईं।

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भारत ने स्पष्ट की अपनी स्थिति
विदेश मंत्रालय ने कहा, इस्राइल-ईरान तनाव पर भारत का रुख स्वतंत्र है। पहली बार 13 जून को जारी बयान में इसे बताया जा चुका है। दोनों देशों के बीच शांति और बातचीत का आह्वान करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा, तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति के रास्तों का उपयोग किया जाना चाहिए। यह जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उस दिशा में प्रयास करे।

24 साल पुराना है शंघाई सहयोग संगठन
पश्चिम एशिया तनाव के मद्देनजर भारत की विदेश नीति स्पष्ट करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत अपनी स्थिति से अन्य एससीओ सदस्यों को भी अवगत करा चुका है। भारत ने किसी भी आक्रामक कदम से बचने और शीघ्र ही कूटनीति की ओर लौटने का आग्रह भी किया है। बता दें कि एससीओ एक स्थायी अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसकी स्थापना 2001 में चीन के शंघाई में कजाकिस्तान, चीन, किर्गिज गणराज्य, रूस, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान ने की थी।
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भारत की असहमति से पहले एससीओ ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के बयान से पहले 14 जून को ही एससीओ ने एक बयान में कहा, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देश मध्य पूर्व / पश्चिम एशिया (Middle East / West Asia) में बढ़ते तनाव पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हैं। एससीओ ईरान पर इस्राइली सैन्य हमलों की कड़ी निंदा करता है। बता दें कि वर्तमान में एससीओ की अध्यक्षता चीन के पास है। इस प्रभावशाली आर्थिक और सुरक्षा ब्लॉक के सदस्यों में रूस, भारत और पाकिस्तान शामिल हैं।

IDF ने ईरान के नौ वैज्ञानिकों को नार गिराया - फोटो : अमर उजाला
नौ परमाणु वैज्ञानिकों को मार गिराने का दावा
बता दें कि इस्राइल ने ईरान के नौ परमाणु वैज्ञानिकों को मार गिराने का दावा किया है। इस्राइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने मृतकों की सूची भी जारी की है। इसके अलावा एक वीडियो जारी कर इस्राइल ने ये समझाया है कि परमाणु वैज्ञानिकों को मार गिराने के लिए ईरान में किन ठिकानों को निशाना बनाया गया है। आईडीएफ ने कहा है कि एक साथ हुए हमलों में 9 ईरानी परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। ये सभी लोग बम बनाने की दिशा में तेजी से प्रयास कर रहे थे और काफी आगे बढ़ चुके थे।
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ईरान पर हमले के बाद इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का बयान - फोटो : अमर उजाला
साढ़े चार दशक बाद सबसे बड़ा हमला
बता दें कि ईरान पर हो रहे ताबड़तोड़ हमले 45 साल बाद की गई इस्राइल की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई हैं। इस संबंध में इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान पर यह हमला उसे ऑपरेशन राइजिंग लॉयन (उभरता शेर अभियान) का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ईरान, इस्राइल के अस्तित्व के लिए खतरा है।

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रिहायशी इमारतों को भी निशाना बनाया गया
ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस्राइल के इस हमले में रेवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख हुसैन सलामी का निधन हो गया। इसके अलावा तेहरान में कई रिहायशी इमारतों को भी निशाना बनाया गया। हमले में मारे जाने वालों में कई बच्चे भी शामिल हैं।

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