ईरान पर हमलों के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक समुद्री व्यापार की धड़कन माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य व बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को संकट के केंद्र में ला खड़ा किया है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में बेचैनी का आलम है। दुनिया की प्रमुख कंटेनर शिपिंग कंपनियों ने सुरक्षा कारणों से अपने जहाजों की आवाजाही रोक दी हैै। यदि स्थिति लंबी खिंचती है तो ऊर्जा कीमतों, शिपिंग लागत और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
सीएनबीसी के अनुसार, वैश्विक शिपिंग उद्योग में हड़कंप है। डेनमार्क की प्रमुख शिपिंग कंपनी मर्स्क ने कहा कि वह होर्मुज से अपने जहाजों की आवाजाही अगली सूचना तक टाल रही है। वह बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से होने वाली भविष्य की ट्रांस-स्वेज आवाजाही भी रोक रही है। इसके तहत पश्चिम एशिया-भारत से भूमध्यसागर व अमेरिका के पूर्वी तट तक जाने वाली सेवाओं को केप ऑफ गुड होप के रास्ते मोड़ा गया है।
जर्मनी-फ्रांस समेत इन दिशों ने उठाए कदम
जर्मनी की हैपाग-लॉयड ने भी अपने जहाजों की आवाजाही निलंबित कर दी है। फ्रांस की सीएमए सीजीएम ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी जहाजों को सुरक्षित ठिकानों की ओर बढ़ने के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने स्वेज नहर से आवाजाही भी रोक दी है। जहाजों को अफ्रीका के रास्ते डायवर्ट किया है। दुनिया की सबसे बड़ी कंटेनर शिपिंग कंपनी एमएससी ने भी खाड़ी क्षेत्र से अपने जहाजों को सुरक्षित क्षेत्रों में जाने का आदेश दिया हैै।
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क्यों अहम है हॉर्मुज जलडमरूमध्य?
ओमान व ईरान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल ‘चोक पॉइंट’ के रूप में जाना जाता है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है। इसकी लंबाई लगभग 160 किमी है, जबकि सबसे संकरे हिस्से में यह करीब 33 किमी चौड़ा है। इसके जरिये यूएई, सऊदी अरब, कुवैत, कतर, बहरीन व इराक जैसे खाड़ी देशों का समुद्री निर्यात विश्व बाजार तक पहुंचता है।
पूरी तरह ठप होने की संभावना नहीं
एनर्जी एस्पेक्ट्स की संस्थापक और मार्केट इंटेलिजेंस निदेशक अमृता सेन ने सीएनबीसी के एक कार्यक्रम में कहा कि मुख्य प्रश्न यह है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के साथ आगे क्या होता है। उन्होंने यह संभावना कम जताई कि ईरान पूरी तरह इस जलडमरूमध्य को बंद करेगा।
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अनिश्चितता का बढ़ता दौर
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष ने साफ कर दिया है कि वैश्विक व्यापार किस हद तक कुछ रणनीतिक समुद्री गलियारों पर निर्भर है। हॉर्मुज व बाब-अल-मंदेब जैसे चोक पॉइंट में अस्थिरता ऊर्जा बाजारों, कंटेनर शिपिंग दरों और आपूर्ति शृंखलाओं पर त्वरित व व्यापक असर डाल सकती है। संकट लंबा खिंचता है, तो तेल-गैस मूल्यों में उतार-चढ़ाव बढ़ने से लेकर उपभोक्ता वस्तुओं व कच्चे माल की आपूर्ति तक प्रभावित हो सकती है।