फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

West Asia Crisis: जयशंकर ने कतर, यूएई और ईरान के प्रतिनिधियों से की बातचीत, पश्चिम एशिया के हालात पर हुई चर्चा

Sun, 05 Apr 2026 11:22 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कतर और यूएई के शीर्ष नेताओं से बातचीत की। इस दौरान क्षेत्रीय संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर इसके प्रभाव पर चर्चा हुई। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान को लेकर अंतरराष्ट्रीय तनाव चरम पर है।
विज्ञापन
डॉ. एस जयशंकर, विदेश मंत्री - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कतर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ईरान के नेताओं से बातचीत की। उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी, यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और ईरान के विदेश मंत्री से अलग-अलग चर्चा की। इन वार्ताओं में नेताओं ने पश्चिम एशिया के संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर इसके प्रभाव पर बात की।

विज्ञापन


विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ क्षेत्र में चल रहे युद्ध और तनाव पर विचार साझा किए गए। इसके बाद जयशंकर ने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से संपर्क किया। उन्होंने पश्चिम एशिया की उभरती स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।

ये भी पढ़ें: Iran War: 'आपके लापरवाह कदमों से जल उठेगा पूरा क्षेत्र', ट्रंप की धमकियों पर ईरानी संसद के स्पीकर का पलटवार

इसी कड़ी में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची ने भी डॉ. जयशंकर को फोन किया। जयशंकर ने बताया कि ईरानी विदेश मंत्री के साथ उनकी बातचीत मौजूदा हालात पर केंद्रित रही। भारत इन महत्वपूर्ण देशों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है ताकि क्षेत्र की स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा सके।

विज्ञापन


विदेश मंत्री जयशंकर की यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को जहाजों के लिए दोबारा नहीं खोला गया, तो ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को नष्ट कर दिया जाएगा। ट्रंप की इस धमकी के बाद पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया है।

विज्ञापन

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें