पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण गुरुवार को भारतीय एयरलाइनों ने 281 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दीं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों से उड़ानों की स्थिति नियमित जांचने और एयरलाइन सूचना पर ध्यान देने की सलाह दी। मुंबई, दिल्ली और बंगलूरू हवाई अड्डों पर 170 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं।
पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह रूप लेता नजर आ रहा है। ऐसे में एक तरफ जहां इस संघर्ष ने खाड़ी देशों के साथ-साथ पूरे दुनिया की राजनीति में तहलका मचा दिया है। वहीं दूसरी ओर इसका व्यापाक प्रभाव हवाई यात्रा पर भी पड़ रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को भारतीय एयरलाइनों ने कुल 281 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दीं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि वे लगातार क्षेत्र की स्थिति पर नज़र रख रहे हैं।
इंडिगो: शुक्रवार को आठ मध्य पूर्वी गंतव्यों के लिए 17 उड़ानें चलाएगी।
स्पाइसजेट: गुरुवार को 13 विशेष उड़ानें संचालित करेगी।
अकासा एयर: मुंबई-जेद्दा मार्ग पर एक उड़ान और वापसी। अबू धाबी, दोहा, रियाद और कुवैत के लिए उड़ानें 7 मार्च तक रद्द रहेंगी।
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पश्चिम एशिया में हवाई यात्रा की कठिनाई
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में हवाई मार्ग बंद होने से एयरलाइनों को गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने कहा कि भारत की एयरलाइनों पर इसका सबसे बड़ा असर होगा, क्योंकि इनका इस क्षेत्र में अधिक उड़ानों और गंतव्यों का नेटवर्क है। इसका बड़ा कारण है कि पश्चिम एशिया, दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे बड़े हब के कारण वैश्विक हवाई यात्रा के लिए महत्वपूर्ण है। अमीरात, कतर एयरवेज और एतिहाद एयरवेज जैसी बड़ी एयरलाइनों को भी इस क्षेत्र में संकट के कारण तुरंत चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।