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Weather Updates: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दी दस्तक, अब पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश भागों की ओर बढ़ा

Thu, 30 May 2024 10:56 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आईएमडी केरल में मानसून के आगमन की घोषणा तब करता है, जब 10 मई के बाद किसी भी समय केरल के 14 केंद्रों और पड़ोसी क्षेत्रों में लगातार दो दिनों तक 2.5 मिमी या उससे अधिक वर्षा होती है। इसके अलावा आउटगोइंग लॉन्गवेव रेडिएशन (ओएलआर) के कम होने और हवाओं की दिशा दक्षिण-पश्चिमी की ओर होने पर भी ध्यान दिया जाता है।
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Monsoon Alert - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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दक्षिण पश्चिम मानसून ने पूर्वानुमान से एक दिन पहले आज यानी गुरुवार को केरल तट पर दस्तक दे दी। अब यह पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों की ओर बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को बताया था कि अगले 24 घंटों के दौरान केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी रहेंगी। मौसम कार्यालय ने 15 मई को केरल में 31 मई तक मानसून के दस्तक देने का अनुमान जताया था।

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मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि रविवार को पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश से गुजरे चक्रवात रेमल ने मानसून के प्रवाह को बंगाल की खाड़ी की ओर खींच लिया है, जो पूर्वोत्तर में मानसून के जल्दी आने का एक कारण हो सकता है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार केरल में पिछले कुछ दिन से भारी बारिश हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप मई में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।

केरल में बारिश के बाद गर्मी से राहत
मॉनसून की दस्तक के बाद कई राज्यों से बारिश की तस्वीरें सामने आईं। केरल के कोझीकोड से आए वीडियो में देखा जा सकता है कि बारिश की फुहारों के बाद स्थानीय लोगों को तपती गर्मी के बीच काफी राहत का एहसास हुआ।
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पूर्वोत्तर में आफत बनी बारिश, कई इलाकों में जलभराव
केरल के अलावा पूर्वोत्तर में भी भारी बारिश का नजारा दिखा। मणिपुर की राजधानी इंफाल के कई इलाकों में जलभराव के कारण स्थानीय लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। खवैरमबंद बाजार में दो पहिया वाहनों पर निकले लोगों को जलभराव के बीच संघर्ष करते देखा गया।


इन राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून का असर दिखेगा
अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, नगालैंड, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर और असम में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि पांच जून है। आईएमडी ने कहा कि इस अवधि के दौरान दक्षिण अरब सागर के कुछ और हिस्सों, मालदीव, कोमोरिन, लक्षद्वीप के शेष हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं।



कहां-कब पहुंचता है मानसून
आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून एक जून के आस-पास केरल में प्रवेश करता है। सामान्य तौर पर ये उछाल के साथ उत्तर की ओर बढ़ता है और 15 जुलाई के आसपास पूरे देश को कवर कर लेता है। इससे पहले 22 मई मानसून अंडमान निकोबार में दस्तक देता है। इस बार अंडमान में मानसून का आगमन सामान्य से 3 दिन पहले, 19 मई को हो गया है। हालांकि, मानसून के इंतजार में बैठे उत्तर-भारत के लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। दिल्ली-एनसीआर में 30 जून से 2 जुलाई के बीच मानसून की बौछारें गर्मी की तपिश से राहत दे सकती हैं। वहीं यूपी में 18 से 20 जून के बीच मानसून के दस्तक देने की संभावना है।

उत्तर पश्चिम भारत में राहत कब से?
इस बीच भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे दिल्ली समेत उत्तर पश्चिम भारत के इलाकों को 30 मई के बाद राहत मिल सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत के हिस्सों में भीषण लू चल रही है और ये अगले तीन दिन जारी रह सकती है, लेकिन 30 मई को गरज के साथ बारिश होने की संभावना है, हालांकि यह राहत अस्थायी होगी और जून में दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत देश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका है। जून में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, यूपी, गुजरात के कुछ हिस्सों और उत्तर पश्चिम भारत में सामान्य से ज्यादा दिनों तक तेज लू चल सकती है।

अल नीनो प्रणाली कमजोर हो रही
मौसम विभाग की मानें तो देश में अल नीनो प्रणाली कमजोर हो रही है और ला नीना स्थितियां सक्रिय हो रही हैं, जो इस साल अच्छे मानसून के लिए अनुकूल है। इसी के चलते भारत में मानसून ने समय से पहले दस्तक दे दी है। वहीं, ला नीना के साथ-साथ हिंद महासागर द्विध्रुव (आईओडी) स्थितियां भी इस साल अच्छे मानसून के लिए अनुकूल हो रही हैं, जो मानसून के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

मानसून के आगमन की घोषणा कब होती है?
आईएमडी केरल में मानसून के आगमन की घोषणा तब करता है, जब 10 मई के बाद किसी भी समय केरल के 14 केंद्रों और पड़ोसी क्षेत्रों में लगातार दो दिनों तक 2.5 मिमी या उससे अधिक वर्षा होती है, आउटगोइंग लॉन्गवेव रेडिएशन (ओएलआर) कम होता है और हवाओं की दिशा दक्षिण-पश्चिमी की ओर होती है।

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