इन दिनों दिल्ली समेत उत्तर भारत में धुंध यानि कोहरा छाया हुआ है। आलम ये है कि कोहरा सिर्फ सुबह ही नहीं बल्कि शाम ढलते ही शुरू हो जाता है। आने वाले कुछ दिनों उत्तर भारत के कई शहरों में इसके और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसी बीच ये सवाल उठ रहा है कि आखिरकार उत्तर भारत के शहरों में कोहरा अचानक इतना गहरा क्यों हो गया। ऐसी क्या वजह है कि जो इस मौसम में कोहरा छा जाता है। आइये जानते हैं...
दरअसल, कोहरे के लिए ठंड में एक खास किस्म का तापमान और पैटर्न जरूरी होता है। जिस इलाके में तापमान एक ख़ास रेंज में रहता है, वहीं पर कोहरा बनने के लिए सबसे ज़्यादा अनुकूल परिस्थितियां होती हैं। वातावरण में 9 डिग्री सेल्सियस से लेकर 13 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान कोहरा बनने के लिए सबसे मुफीद होता है। वहीं इन दिनों पूरे उत्तर भारत में रात और सुबह का तापमान इतना ही बना हुआ है। हवा भी नहीं है और वातावरण में भी किसी तरह की हलचल नहीं हो रही है। इसलिए कोहरा लगातार बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह कोहरा छाने के लिए कई सारी मौसम से जुड़ी गतिविधियां जिम्मेदार होती हैं, उसी तरीके से कई सारे फैक्टर ही कोहरा छंटने की वजह भी बनते हैं। सबसे पहले अगर तापमान के बढ़ने के साथ हवा की रफ्तार बढ़ जाए तो कोहरा छंटने लगता है या उसका असर कम हो जाता है। इसके अलावा अगर सूरज की किरणें इतनी तेज़ हो जाएं कि कोहरे में मौजूद पानी के कण भाप में बदल जाएं या फिर गर्मी की वजह से ज़मीन की सतह पर पिघल के पहुंच जाएं, तो कोहरा छंटने की संभावना बनती है।
इसके अलावा शहरी इलाकों में कोहरा थोड़ी जल्दी छंटता है, क्योंकि गाड़ियों और कारखानों के चलते यहां पर जमीन के आसपास तापमान बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है। कई बार पश्चिमी विक्षोभ यानि वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी हवा की रफ्तार में बढ़ोत्तरी करता है, जिससे कोहरा एक बड़े इलाके से हट जाता है। उत्तरी भारत में एक ऐसा ही वेस्टर्न डिस्टरबेंस 29 दिसंबर को सक्रिय होगा, तो तब तक कोहरे के कोहरे से निजात मिलने की संभावना नहीं है। कोहरा छंटने के आसार फिलहाल 29 दिसंबर तक नज़र नहीं आ रहे हैं। 31 जनवरी के बाद जरूर इसमें कमी आ सकती है।
साल के अंत में तेज हो सकती है बारिश
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा सहित तमाम उत्तर भारत में कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का दावा है कि अगले एक सप्ताह के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में बर्फबारी की संभावना है। फिलहाल नए साल तक ठंड में ज्यादा बढ़ोतरी होने की उम्मीद नहीं है। दावा किया जा रहा है कि 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस होने के चलते बारिश की संभावना है, जिसके कारण कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है।