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मानसून की चाल: देश में 14 फीसदी कम बारिश, पर जहां बरसा वहां आफत; जून से अगस्त तक कैसा रहा हाल?

Tue, 01 Sep 2026 05:53 AM IST
निर्मल कांत अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

इस बार मानसून में देशभर में बारिश कम हुई है, लेकिन कई इलाकों में थोड़े समय में बहुत तेज बारिश हुई। अगस्त में बारिश सामान्य से करीब 16% कम रही और जून से अगस्त तक कुल कमी करीब 14% पहुंच गई। फिर भी कई राज्यों में भारी बारिश से बाढ़, जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ा। पढ़िए रिपोर्ट
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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इस बार मानसून का मिजाज बदला-बदला है। इसकी असली कहानी केवल इस बात से नहीं समझी जा सकती कि देश में कितनी बारिश हुई। इस बार बारिश कब, कहां और कितनी तेज हुई, यह ज्यादा बड़ा सवाल बन गया है।
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अगस्त में देशभर में बारिश सामान्य से करीब 16% कम रही। इससे जून से 31 अगस्त तक पूरे मानसून का बारिश घाटा बढ़कर करीब 14% हो गया। लेकिन इसी बीच कुछ इलाकों में कुछ घंटों में इतनी तेज बारिश हुई कि बाढ़ और जलभराव का खतरा पैदा हो गया। यानी देश में बारिश कम हुई, लेकिन जहां पानी गिर रहा है, वहां कई बार आफत बनकर गिर रहा है।

मौसम विज्ञान विभाग की 31 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटे में छत्तीसगढ़ में कहीं 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज हुई। बिहार, झारखंड, ओडिशा और उत्तर प्रदेश में भी 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश हुई। ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक सितंबर को भी भारी से बहुत भारी बारिश का दौर रहने का अनुमान है। इसके उलट दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह बारिश की गतिविधि कमजोर रहने की संभावना है।
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कम बारिश का मतलब बाढ़ का खतरा कम नहीं
देश का औसत आंकड़ा जमीन पर पैदा होने वाली परेशानी की पूरी तस्वीर नहीं बताता। मसलन, किसी इलाके में पूरे महीने बारिश कम रही। लेकिन दो-तीन दिनों में बहुत तेज बारिश से ही खेतों में पानी भर गया। शहरों में नाले उफनाने लगे। पहाड़ों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा मंडराने लगा। 18 अगस्त को उत्तराखंड, गांगेय क्षेत्र पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 21 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज हुई।

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इसी दिन छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में भी 12 से 20 सेंटीमीटर तक पानी बरसा। 25 अगस्त को झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में 20 सेमी तक बारिश हुई। महीने के आखिरी सप्ताह में मध्य प्रदेश में मंदाकिनी खतरे के निशान से करीब छह मीटर ऊपर पहुंच गई।
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10 साल में अगस्त कभी सूखा, कभी लबालब
┌──────┬──────────┬────────────┐
│ वर्ष │ बारिश    │ सामान्य से │
├──────┼──────────┼────────────┤
│ 2016 │ 238.4    │ 6.8% कम    │
│ 2017 │ 228       │ 13% कम     │
│ 2018 │ 241.4    │ 8% कम      │
│ 2019 │ 00         │ 15% ज्यादा  │
│ 2020 │ 327       │ 27% ज्यादा  │
│ 2021 │ 195.9    │ 24% कम     │
│ 2022 │ 263.7    │ 3% ज्यादा   │
│ 2023 │ 162.7    │ 36% कम     │
│ 2024 │ 293.9    │ 15% ज्यादा  │
│ 2025 │ 268.1    │ 5% ज्यादा   │
└──────┴──────────┴────────────┘


आईएमडी के 1971–2020 के औसत के मुताबिक अगस्त में देश में 254.9 मिमी बारिश सामान्य मानी जाती है। इसी सामान्य आंकड़े से हर साल की वास्तविक बारिश की तुलना कर यह तय किया जाता है कि बारिश सामान्य से कम रही या ज्यादा।
 
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