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Weather Update: पूरे हफ्ते बना रहेगा घना कोहरा और शीतलहर, उत्तराखंड-हरियाणा और यूपी में कड़ाके की ठंड

Mon, 02 Jan 2023 08:32 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली

सार

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक हल्की हवाओं और सिंधु-गांग के मैदानी इलाकों में सतह के करीब ज्यादा नमी के कारण इस समय कोहरा सामान्य है।
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कोहरे की चादर में घिरा उत्तर भारत। - फोटो : ANI
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विस्तार
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राष्ट्रीय राजधानी समेत उत्तर भारत में साल के पहले दिन भले ही धूप खिली, लेकिन इस हफ्ते घना कोहरा छाए रहने और भीषण शीतलहर के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमोत्तर भारत के ज्यादातर इलाके शीलहर की चपेट में रहेंगे, वहीं उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अगले दो-तीन दिनों तक घना कोहरा छाया रहेगा। इन राज्यों के कुछ इलाकों के साथ ही मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में अगले दो दिन ज्यादा ठंड पड़ने की संभावना है। 

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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक हल्की हवाओं और सिंधु-गांग के मैदानी इलाकों में सतह के करीब ज्यादा नमी के कारण इस समय कोहरा सामान्य है। हिमाचल से पश्चिम दिशा की तरफ बहने वाली हवाओं के चलते उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, पश्चिमोत्तर और निकटवर्ती मध्य भारत के क्षेत्रों में अगले दो दिन के दौरान न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री तक की गिरावट आने की संभावना है। 

इसके प्रभाव में राजस्थान के उत्तरी इलाकों में मंगलवार तक कहीं ठंडी तो कहीं बहुत अधिक ठंडी हवाएं चल सकती हैं। पिछले हफ्ते दिल्ली और आसपास के इलाकों को भीषण शीतलहर से कुछ राहत मिली थी। दिसंबर के आखिरी दिनों को छोड़कर पिछले हफ्ते उत्तर भारत के ज्यादातर इलाकों में दिन में ज्यादा ठंड नहीं महसूस की गई। घने कोहरे से भी राहत रही। मौसम विभाग ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते ठंड से कुछ राहत मिली थी। 
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दिसंबर में सात पश्चिमी विक्षोभ : 
आईएमडी के मुताबिक दिसंबर महीने में पश्चिमी विक्षोभ के सात मामले सामने आए। इनमें से छह का प्रभाव कमजोर रहा, सिर्फ एक (28-30 दिसंबर) का प्रभाव मजबूत रहा। इसके चलते ही जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में दिसंबर के आखिरी तीन दिनों में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई थी। 

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने शनिवार को कहा था, अगर वर्षा कम होने का संकेत मिलता है तो इसका मतलब है कि पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधि भी कम होने की संभावना है। अगर कम पश्चिमी विक्षोभ होता है तो पश्चिमोत्तर भारत में उत्तर से पश्चिम की तरफ बहने वाली हवाओं का प्रभाव बना रह सकता है।

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