बंगाल की खाड़ी में बुधवार को काले बादल मंडरा रहे हैं, जिससे ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने पांच अक्तूबर तक लगातार बारिश की चेतावनी दी है। वहीं महाराष्ट्र में आठ अक्तूबर से मानसून की वापसी की संभावना जताई गई है।
ओडिशा सरकार ने राज्य के सभी 30 जिलों को अलर्ट पर रखा है। एक अक्तूबर को सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी है, जबकि गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर में भारी बारिश (सात से 11 सेमी) होने की संभावना है। दो अक्तूबर को पूरी और जगतसिंहपुर में 20 सेमी से अधिक बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
तेज हवाओं की चेतावनी
मछुआरों को एक से तीन अक्तूबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाएं चलेंगी, जो बाद में 65-75 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं। सभी बंदरगाहों पर लोकल कॉशनरी सिग्नल नंबर-III फहराने के निर्देश दिए गए हैं।
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आंध्र प्रदेश पर भी असर
आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम और उसके आसपास के जिलों में भी बारिश और आंधी का अनुमान है। विभाग ने परवतीपुरम, अल्लूरी सीताराम राजू, ईस्ट गोदावरी और एलुरु जिलों में आंधी-बारिश की संभावना जताई है। यह सिस्टम धीरे-धीरे और गहराकर 3 अक्तूबर की सुबह गोपालपुर और पारादीप के बीच तट को पार करेगा।
महाराष्ट्र में राहत
महाराष्ट्र सरकार ने बताया कि आठ अक्तूबर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी होगी। पिछले दो हफ्तों में मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश से फसलें और मकान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। विभाग ने विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में दो से सात अक्तूबर के बीच बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है।
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मानसून विदाई में हुई देरी
आईएमडी आंकड़ों के अनुसार, सामान्य तौर पर आठ अक्तूबर को मानसून की विदाई होती है। लेकिन 2019 से लगातार देरी हो रही है। 2024 में 15 अक्तूबर, 2023 और 2022 में 23 अक्तूबर को विदाई हुई थी। इस साल 60 लाख हेक्टेयर से अधिक फसलें बर्बाद हुई हैं और करीब 3,000 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।