मुंबई में बारिश।
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नांदेड़ में पांच लोग लापता
नांदेड जिले के मुखेड़ तालुका में भारी बारिश के कारण 5 लोग लापता हो गए हैं। जिले के रावण गांव में बाढ़ के पानी में 225 लोग फंसे हुए है जिन्हें सुरक्षित निकाला जा रहा है। कर्नाटक और तेलंगाना के बांध से पानी छोड़े जाने से सीमावर्ती जिलों में स्थिति ज्यादा खराब हुई है।
मुंबई में बारिश।
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मुंबई में हालात बेकाबू
मुंबई में छह से आठ घंटे में 177 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई जिससे महानगर के 14 निचले इलाके जलमग्न हो गए। सड़कों पर पानी भरने से स्कूल की बसें और अन्य वाहन बंद पड़ गए। भारी बारिश के मद्देनजर स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई। राहत और बचाव के लिए सेना को उतारा गया है। एनडीआरएफ, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें भी लगी हुई हैं।
मुंबई में बारिश।
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अगले 12 घंटे के लिए अलर्ट जारी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगले 12 घंटे अहम हैं। जिन इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, वहां के नागरिकों को जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए। समुद्र तट, नदियों और झरनों पर जाते समय भी बेहद सावधान रहने की जरूरत है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने मुंबई सहित कई जिलों में 18 से 21 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर 16 जिलों में कहीं रेड तो कहीं ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
मुंबई में बारिश।
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ट्रेनों की थमी रफ्तार, उड़ानें भी प्रभावित
मुंबई में रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से लोकल ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो गई है। खराब मौसम के चलते रोशनी कम होने से उड़ानों पर भी असर पड़ा है। कई विमानों के आगमन-प्रस्थान में देरी हुई। एक विमान को सूरत भेजना पड़ा। अकासा एयर ने कहा कि मुंबई, बंगलूरु, गोवा और पुणे के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के कारण हमें हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़कों पर धीमी गति से यातायात और भीड़भाड़ की आशंका है। इंडिगो ने कहा कि उसके हवाईअड्डा कर्मचारी रास्ते में यात्रियों की मदद करेंगे।
बारिश।
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महाराष्ट्र में चार लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्यभर में लगभग 4 लाख हेक्टेयर में फसलें प्रभावित हुई हैं। छत्रपति संभाजीनगर, बीड, लातूर और नांदेड़ में बाढ़ की स्थिति है। मुखेड़ इलाके में 206 मिमी बारिश हुई। बाढ़ में 150 से ज़्यादा जानवर मर गए या बह गए। राज्य के तीन जिलों में 800 गांव प्रभावित है जिससे कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है। जिलाधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों से संबंधित निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है। मुंबई से 600 किलोमीटर से अधिक दूर तालुका में स्थित लेंडी बांध का जलस्तर बढ़ गया है, जबकि लातूर, उदगीर और पड़ोसी कर्नाटक से बड़ी मात्रा में इस क्षेत्र में पानी छोड़ा जा रहा है। फडणवीस ने कहा कि कर्नाटक राज्य से अलमट्टी बांध और तेलंगाना के पोचम्पाद बांध से पानी छोड़े जाने को लेकर बातचीत जारी है।
बारिश।
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दक्षिण ओडिशा में भी भारी बारिश
कम दबाव के कारण दक्षिणी ओडिशा के मलकानगिरी, नबरंगपुर, गजपति और कोरापुट जिलों में भारी बारिश हुई, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। पिछले दो दिनों से मूसलाधार बारिश होने से मलकानगिरी जिले में कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। पोट्टारू, कंगुरकोंडा, कालीमेला कन्याश्रम पुलों से चार फुट ऊपर पानी बह रहा है। सड़क के ऊपर से पानी बहने से मलकानगिरी-मोटू-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 326 पर भी वाहनों का आवागमन कई जगह बंद रहा। पुलों के जलमग्न होने के कारण यात्री बसों सहित कई वाहन फंसे रहे। भारी बारिश के कारण मलकानगिरी हवाईअड्डे की चारदीवारी का एक हिस्सा ढह गया।
यमुना में बढ़ा जलस्तर
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तेजी से बढ़ रहा यमुना का जलस्तर
दिल्ली में यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी क्षमता से ज्यादा होने के बाद अब हरियाणा में हथिनीकुंड बैराज के सारे गेट खोल दिए गए हैं। दिल्ली में शाम को सात बजे तक यमुना का जलस्तर 205.59 मीटर रहा। दिल्ली पुलिस और डीडीएमए की राहत बचाव टीमों ने यमुना के किनारे की झुग्गियों में सर्च ऑपरेशन चलाया। प्रशासन ने यमुना के बाढ़ क्षेत्र से सभी को बाहर निकाला। पूर्वी दिल्ली में गीता कॉलोनी के पास बंध रोड पर बने केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से 24 घंटे यमुना के जलस्तर की निगरानी हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। दिल्ली बोट क्लब में करीब 24 नौकाएं, गोताखोर, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की टीमें आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी
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हथिनीकुंड बैराज से फिर छोड़ा गया अधिक पानी
हथिनीकुंड बैराज से रविवार को करीब 1.79 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, वहीं सोमवार को फिर दोपहर में करीब 1.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रविवार को छोड़ा गया पानी आधी रात में दिल्ली पहुंचेगा, जबकि सोमवार को छोड़ा गया पानी मंगलवार को शाम तक दिल्ली पहुंचेगा। इसके बाद आशंका है कि दिल्ली का जलस्तर 206.0 मीटर के पार चला जाएगा।
बारिश।
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जम्मू-कश्मीर में मौसम बना आफत
जम्मू-कश्मीर में मौसम आफत बन गया है। सोमवार को पस्सियां (मलबा) गिरने से मुगल रोड दोपहर बाद बंद कर दिया गया। रामबन में पस्सियां गिरने से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग दो घंटे बंद रहा। किश्तवाड़ सिंथन रोड भी बंद है। राजोरी में एक युवक पानी में बह गया। राजोरी, पुंछ, सांबा व कठुआ में हालात ज्यादा खराब हैं। जम्मू संभाग के तमाम निजी एवं सरकारी स्कूल बंद रहे। 19 अगस्त को भी स्कूल बंद रहेंगे। बारिश से सांबा और कठुआ में धान व पहाड़ी इलाकों में मक्की की फसल को नुकसान हुआ है। मौसम विभाग श्रीनगर ने कश्मीर के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।