दो महीने की चिलचिलाती गर्मी के बाद देश को अब राहत मिलने के आसार हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया है कि मानसून ने भारत में दस्तक दे दी है। विभाग ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल पहुंच गया है। इससे केरल में बारिश होने की संभावना है। जल्द ही यह देश के दूसरे राज्यों में भी पहुंच जाएगा।
दक्षिण पश्चिम मानसून के केरल में दस्तक देने के साथ ही चार महीने का लंबा बारिश वाला मौसम शुरू हो गया। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, 'दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दे दी।'
जून से सितंबर तक चलने वाले इस मानसून की वजह से देश में 75 फीसदी बारिश होती है। मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट ने 30 मई को मानसून आने की घोषणा की थी लेकिन आईएमडी ने इससे इनकार करते हुए कहा था कि इस तरह की घोषणा के लिए अभी स्थितियां बनी नहीं हैं।
केरल के दक्षिण तटीय इलाकों और लक्षद्वीप में तीन दिनों से बारिश
भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक एम. मोहपात्रा ने कहा था कि हम लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं। हम अपने पहले के पूर्वानुमान के साथ हैं कि मानसून एक जून या उसके बाद ही केरल के तट पर पहुंचेगा। दरअसल, केरल के दक्षिण तटीय इलाकों और लक्षद्वीप में तीन दिनों से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शनिवार को इसे मानसून के पूर्व होने वाली बारिश बताया था।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान था कि एक या दो जून को मानसून केरल तट से टकराएगा। शनिवार को यह मालदीव और कोमोरिन क्षेत्र में सक्रिय था और लगातार दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर की बढ़ रहा था।
मौसम विभाग ने अप्रैल में कहा था कि इस बार मानसून औसत ही रहने वाला है। विभाग के मुताबिक 96 से 100 प्रतिशत बारिश को सामान्य मानसून माना जाता है। पिछले साल यह आठ दिन की देरी से आठ जून को केरल के समुद्र तट से टकराया था। भारत में जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून से बारिश होती है।