देश की राजधानी भीषण गर्मी की गिरफ्त में रही। शहर के कुछ हिस्सों में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार यहां मंगलवार को बारिश दस्तर दे सकती है। दिल्ली जून में सबसे कम वर्षा वाला प्रदेश भी रहा। यहां सामान्य से 90 फीसदी कम बारिश हुई।
नई दिल्ली में 26 सालों में दूसरी बार जून बहुत अधिक गर्म रहा। इस महीने में यहां महज 6.6 मिलीमीटर बारिश हुई। औसतन शहर में जून में 64.1 मिलीमीटर वर्षा होती है। इस बार यहां बस 6.6 मिलीमीटर वर्षा हुई। शहर में साल 1993 में महज पांच मिलीमीटर वर्षा ही हुई थी।
गर्मी के प्रकोप से यूं तो सभी परेशान हैं लेकिन उत्तर प्रदेश में मॉनसून ने अब तक जोर नहीं पकड़ा है। यहां के सभी मंडलों में बारिश नहीं हुई है और लोग उमस भरी गर्मी का सामना करने के लिए मजबूर हैं। हालांकि कुछ जगहों पर हुई छिटपुट बारिश ने गर्मी के थोड़ी निजात तो दिलाई लेकिन उसके बाद धूप निकलने और हवा न चलने से उमस बढ़ गई।
आंचलिक मौसम केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में राज्य में कुछ स्थानों पर बारिश हुई। इस दौरान कुंडा में सबसे ज्यादा तीन सेंटीमीटर बारिश हुई। केराकत में दो, लखनऊ, नीमसार, मुजफ्फरनगर, मोहम्मदाबाद, ज्ञानपुर, हमीरपुर, धामपुर, मउरानीपुर, हमीरपुर और इटावा में एक-एक सेंटीमीटर बारिश हुई।
मुंबई में रविवार देर रात से लगातार हो रही भारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया है। सड़कों और इलाकों में पानी भरा होने के चलते एक ओर जहां बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है तो दूसरी ओर दफ्तर आने-जाने वाले लोग भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने बताया कि मुंबई में तीन जुलाई से पांच जुलाई के बीच ‘बाढ़ का गंभीर खतरा’ है।
पिछले दो दिनों की वर्षा से वित्तीय राजधानी मुंबई ठहर सी गई। शहर में यातायात व्यवस्था एक तरह से ठप पड़ गई है। वाहन पानी में फंस रहे हैं, उन्हें निकालने के लिए धक्के लगाने पड़ रहे हैं, इस वजह से जाम भी लग रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल यहां की परेशानी जल्द खत्म होने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने आसपास के इलाकों ठाणे और पालघर में दो, चार और पांच जुलाई को बेहद भारी बारिश की आशंका जाहिर की है।
नगर पालिका आयुक्त प्रवीण परदेशी ने बताया कि दो दिनों में 540 मिमी बारिश हुई जो पिछले एक दशक में दो दिन में हुई सबसे ज्यादा बारिश है। उन्होंने बाढ़ की स्थिति के पीछे जलवायु परिवर्तन और भौगोलिक घटना को जिम्मेदार ठहराया। मुंबई के महापौर विश्वनाथ महादेश्वर ने बताया कि कुछ इलाकों में जलभराव है लेकिन यह कहना गलत होगा कि भारी बारिश के बाद ‘बाढ़’ जैसी स्थिति है।
बात करें जम्मू-कश्मीर की तो जम्मू में तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। गर्मी और लू चलने के कारण लोग अपने घरों में ही रहने को मजबूर रहे। वहीं, पंजाब और हरियाणा में मौसम गर्म और उमस भरा रहा। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक है।