उत्तर भारत के विभिन्न भागों में सोमवार को पश्चिमी विक्षोभ के चलते हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हुई और तापमान समान्य से अधिक रहा। भारत मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के जाने के बाद तापमान में गिरावट आने का अनुमान है। उधर, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार दूसरे दिन हल्की बारिश हुई। शहर में बादल छाए रहने के चलते न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार को भी मध्यम स्तर की बारिश और बिजली गरजने का अनुमान है।
शहर के मौसम संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराने वाली सफदरजंग वेधशाला के अनुसार न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जो कि सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक और बीते 22 दिन में सबसे ज्यादा है। अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस ऊपर 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वेधशाला के अनुसार शाम साढ़े पांच बजे तक 1.7 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है।
उत्तर भारत में अब तक कैसा रहा ठंड का मौसम
मौसम विभाग जनवरी और फरवरी को सर्दियों का महीना मानता है। दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों को छोड़कर देश के सभी हिस्सों में मध्य दिसंबर के आसपास से ठंड शुरू हो जाती है। इस साल सीजन की पहली शीतलहर ने दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, पूर्वी मध्यप्रदेश और क्रिसमस के सम ओडिशा को अपनी गिरफ्त में लिया। साल खत्म होते-होते इसमें तेजी आई। इनमें से अधिकांश स्थानों पर पारा पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया।
कैसी रही शीतलहर और ठंडे दिन की स्थिति
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मैदानी इलाकों में ठंडे दिन की घोषणा तब की जाती है जब अधिकतम तापमान 16 डिग्री से नीचे दर्ज किया जाता है। वहीं, कोल्ड वेव यानी शीतलहर तह कही जाती है जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 5-6 डिग्री कम हो। उत्तर भारत में मौसम में बदलाव 20 दिसंबर के बाद शुरू हुआ। 24-29 दिसंबर के बीच कई हिस्सों में जबरदस्त ठंड पड़ी।
कैसा रहेगा आने वाले दिनों में मौसम का हाल
दो जनवरी से उत्तर भारत के खई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में वृद्धि देखी गई है। दिल्ली समेत कई स्थानों पर बारिश भी हो रही है। अत्यधिक ठंडे मौसम के बरसात वाले मौसम में बदलना मुख्त: दक्षिण-पश्चिमी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आया है। जम्मू-कश्मीर समेत हिमालयी इलाकों में छह जनवरी तक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं।
पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तरी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश में मंगलवार तक बिजली के साथ बारिश होने का अनुमान है। अगले 48 घंटों में इन इलाकों में बारिश के साथ-साथ ओले भी गिर सकते हैं। पश्चिमी विक्षोक्ष के गुजरने के बाद आसमान फिर से साफ होगा और तापमान भी सामान्य की ओर बढ़ेगा।
हिमाचल के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बीते 24 घंटे के दौरान हल्की बारिश और बर्फबारी हुई है। अधिकारियों ने कहा कि कल्पा में 1.1 मिली मीटर बर्फबारी हुई है जबकि धर्मशाला में 2.2 मिली मीटर तथा सलोनी में 2 मिली मीटर बारिश हुई है। शिमला मौसम केंद्र ने मंगलवार को मैदानी और कम ऊंचाई वाले इलाकों में गरज के साथ बारिश होने, बिजली कड़कने और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा पांच जनवरी को ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में लाहौल स्पीति जिले में सबसे कम शून्य से नीचे 4.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है।
बर्फबारी के चलते कश्मीर में फंसे 4500 वाहन
कश्मीर घाटी में बर्फबारी के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और मुगल रोड को बंद कर दिया गया है, जिसके कारण कश्मीर का सोमवार के शेष भारत से संपर्क कट गया। इसके चलते 4,500 वाहन फंस गए हैं। मौसम विभाग ने कहा कि अगले दो दिन में जम्मू-कश्मीर में मध्यम से भारी बर्फबारी होने का अनुमान है। हरियाणा और पंजाब के अधिकतर हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहा। एक अधिकारी ने कहा कि दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री सेल्सियस ऊपर 12.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश का अनुमान
राजस्थान में कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, रात के तापमान में कुछ डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। राज्य में पिलानी 4.3 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य की राजधानी लखनऊ में तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।