दुद्रानीन उड़ी, बारामूला में हिमस्खलन में फंसी दो किशोरियों को स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर बचाया। इनकी पहचान शगुफ्ता (18) और मीमा (15) के रूप में हुई है।
कहां कितनी बर्फबारी
क्षेत्र बर्फबारी (सेंटीमीटर में)
रोहतांग दर्रा 150
कोकसर 90
केलांग 60
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से अनुमान है कि 15 और 16 जनवरी को हिमालय के पहाड़ी और मैदानी इलाके प्रभावित रहेंगे। इस दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में तेज हवा, गरज-चमक के के साथ बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जिसका असर मैदानों में भी दिखेगा।
मोटा अनाज, दाल, तिलहन, गन्ना, ये कुछ ऐसी खरीफ फसलें हैं, जिनका उत्पादन मौजूदा वित्त वर्ष में 53 प्रतिशत तक घट सकता है। यह अनुमान एक कृषि उत्पाद अध्ययन कंपनी ने लगाया गया है। इस गिरावट की वजह देरी से आए मानसून और छितराई हुई बारिश और देरी से हुई भारी बारिश को वजह बताया गया है।
यह रिपोर्ट नेशनल बल्क हैंडलिंग कॉरपोरेशन ने तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार लंबी अवधि में मानसूनी बारिश 110 प्रतिशत हुई, सबसे ज्यादा मध्य, दक्षिण, पश्चिमोत्तर और पूर्वोत्तर में दर्ज की गई। कॉरपोरेशन के प्रमुख हनीश कुमार सिन्हा के अनुसार 13 राज्यों में जुलाई से अगस्त बाढ़ ने कृषि उत्पादन को प्रभावित किया।
चावल और दालों की बुआई प. बंगाल, बिहार, झारखंड, असम, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में घटी। बाद में सुधार आया, लेकिन खरीफ में कुल 25 दिन तक की देरी हो गई। सबसे ज्यादा देरी से आए मानसून ने नुकसान किया जो सामान्य से 32 प्रतिशत अधिक बरसा।
इतने नुकसान का अनुमान
- चावल उत्पादन - 8.21 प्रतिशत
- मक्का - 11.6 प्रतिशत
- बाजरा - 1.98 प्रतिशत
- मूंग - 27.38 प्रतिशत
- उड़द - 18.38 प्रतिशत
- तूअर - 10.47 प्रतिशत
- तिलहन - 23.78 प्रतिशत
जम्मू-कश्मीर में जवाहर टनल पर बर्फबारी और रामबन के कई हिस्सों में भूस्खलन, पत्थर गिरने से 270 किमी लंबा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। इससे दोनों ओर हजारों वाहन हाईवे पर फंस गए। प्रदेश में सौ से अधिक संपर्क मार्ग बंद हैं। वैष्णो देवी के लिए कटड़ा-सांझीछत हेलिकॉप्टर सेवा ठप रही। प्रदेश में बिजली ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
उत्तराखंड : कई गांवों में बिजली और पानी नहीं
उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में चार दिन की राहत के बाद सोमवार को फिर बारिश और बर्फबारी शुरू हो गई। टिहरी के धनोल्टी सहित गंगोत्री-यमुनोत्री, बदरीनाथ, केदारनाथ और हर्षिल में दोपहरबाद से बर्फबारी हुई। उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के करीब 100-100 और चमोली के करीब 40 गांवों में दोबारा बर्फबारी मुश्किलें बढ़ गई हैं। चमोली में बिजली-पानी की समस्या खड़ी हो गई है। उत्तरकाशी के 72 गांवों में एक हफ्ते से बिजली नहीं है।