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Weather Report: कड़ाके की ठंड के साथ होगा 2025 का आगाज, इस साल क्यों कमजोर हो गई व्हाइट क्रिसमस की उम्मीद?

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Mon, 23 Dec 2024 06:47 PM IST

सार

Weather Report: सोमवार को उत्तर भारत के कई इलाकों में लंबे अरसे के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखने लगा है, यहां बारिश ने दस्तक दी है। मैदानी इलाकों के पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली व राजस्थान में आज सुबह से हल्की बारिश हुई।
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मौसम अपडेट - फोटो : अमर उजाला


सोमवार को उत्तर भारत के कई इलाकों में लंबे अरसे के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखने लगा है, यहां बारिश ने दस्तक दी है। मैदानी इलाकों के पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली व राजस्थान में आज सुबह से हल्की बारिश हुई। उत्तर के पहाड़ी हिस्सों में बारिश के साथ-साथ ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी का दौर एक बार फिर से शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मंगलवार तक दिल्ली और एनसीआर के कई स्थानों में बारिश की संभावना है। जबकि 24 दिसंबर के बाद से उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। उत्तराखंड के भी पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है।


इस वजह से नहीं होगी क्रिसमस पर बर्फबारी

इसके अलावा हरियाणा, झारखंड सहित कई अन्य राज्यों में भी हल्की बारिश हो सकती है, जिससे सर्दी में भी इजाफा होने की उम्मीद है। वहीं हिमाचल और जम्मू कश्मीर में शीतलहर का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में भीषण शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 24 से 26 दिसंबर के दौरान भी प्रदेश के कुछ स्थानों पर भीषण शीतलहर की स्थिति रहने की संभावना है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।


निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत अमर उजाला से चर्चा में कहते है कि,पश्चिमी हिमालय को अपने सुंदर बर्फ से ढके नजारों के लिए जाना जाता है। लेकिन इस साल यहां बर्फ के सुंदर नजारे देखने को नहीं मिलेंगे। इसी कारण क्रिसमस निराशाजनक होने वाला है। क्योंकि आमतौर पर नवंबर और दिसंबर महीने में पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने के कारण हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी होती है। लेकिन इस बार पहाड़ियां ज्यादातर सूखी रहने वाली हैं।


नए साल में देखने को मिल सकती है बर्फबारी

पहलावत कहते है कि, जो पर्यटक व्हाइट क्रिसमस का आनंद लेने की उम्मीद कर रहे थे। उन्हें निराशा हाथ लगेगी। क्योंकि अधिकांश पर्यटक इस दौरान खासतौर पर बर्फ से बर्फ से ढके सुंदर दृश्यों को देखने के लिए इस समय की यात्रा की योजना बनाते हैं। लेकिन इस बार वैसा नजारा देखने को नहीं मिलेगा। शिमला, कुफरी, रोहतांग पास, मनाली, कुल्लू, श्रीनगर, सिक्किम, और तवांग जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर इस बार बर्फ की सफेद चादर देखने को नहीं मिलेगी। ये स्थान क्रिसमस के दौरान पर्यटकों को बड़ी संख्या में आकर्षित करते हैं, लेकिन इस साल यहां बर्फबारी होने के आसार नहीं हैं। हालांकि, ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ बर्फबारी हो सकती है।


27 दिसंबर को पश्चिमी हिमालय में एक नया पश्चिमी विक्षोभ के पहुंचने की संभावना है। यह विक्षोभ 27 से 29 दिसंबर के बीच बर्फबारी ला सकता है। जो पर्यटक नए साल का जश्न पहाड़ों पर बनाने का सोच रहा है। उन्हें बर्फबारी जरूर देखने को मिल सकती है। इस विक्षोभ के चलते 28 से लेकर 1 जनवरी के बीच उत्तर भारत के हरियाणा, यूपी,पंजाब और दिल्ली एनसीआर में बारिश के होने की उम्मीद है। इसके बाद इन क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप भी बढ़ जाएगा। जो 10 जनवरी तक बना रहेगा।


दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना कम दबाव के क्षेत्र के पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ने और 24 दिसंबर के आसपास उत्तरी तमिलनाडु और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की संभावना है। इसके कारण 23 से 26 दिसंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।
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