पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 21 अक्तूबर से एक हल्का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का अनुमान है, जिससे अगले दो-तीन दिनों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की वर्षा या बर्फबारी हो सकती है। पहाड़ों पर बर्फबारी से जल्द ही मैदानी इलाकों में ठंडक बढ़ सकती है। भारतीय मौसम विभाग ने इस बीच, 20 से 24 अक्तूबर तक दक्षिण भारत के कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में कई जगहों पर भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। इसके अलावा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 20 और 22-24 अक्तूबर के बीच, जबकि तटीय कर्नाटक में 23 और 24 अक्तूबर को बारिश की संभावना जताई गई है। 22 से 24 अक्तूबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो-तीन दिनों में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, यूपी में रातें सर्द होने लगेंगी।मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार कश्मीर में रविवार को भी तेज धूप खिली। उत्तरी कश्मीर के ऊंचे इलाकों में 21 व 24 अक्तूबर को हल्की बर्फबारी हो सकती है और 21 से 26 अक्तूबर शाम तक आंशिक रूप से बादल छाए रहंगे।
मौसम केंद्र शिमला ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। राज्य के अधिकांश इलाकों में न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है और रातें सर्द होने लगी हैं। केलांग में न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे कम तापमान रहा।
तमिलनाडु : नीलगिरि माउंटेन रेलवे मार्ग पर भूस्खलन, कई ट्रेनें रद्द
तमिलनाडु में नीलगिरि माउंटेन रेलवे ( एनएमआर) मार्ग पर भूस्खलन के बाद कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। दक्षिणी रेलवे के मुताबिक कई स्थानों पर पहाड़ का मलबा पटरी पर आ गया। कल्लार और कुन्नूर के बीच चट्टानें, कीचड़ और गिरे हुए पेड़ों के चलते ट्रैक बाधित हो गया है। उधर, केरल के कई जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में रविवार को भारी बारिश जारी रहने से कई निचले इलाकों में बाढ़ आ गई। इसमें इदुक्की जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने छह जिलों एर्नाकुलम, इदुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
कर्नाटक और महाराष्ट्र को बाढ़ राहत के लिए केंद्र से 1,950 करोड़ की मंजूरी
गृह मंत्रालय ने कर्नाटक और महाराष्ट्र को बाढ़ राहत के लिए 1,950.80 करोड़ रुपये की अग्रिम मंजूरी दी है। यह राशि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के तहत 2025-26 के लिए केंद्रीय हिस्से की दूसरी किस्त के रूप में जारी की जाएगी।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, कुल मंजूर राशि में से 384.40 करोड़ रुपये कर्नाटक और 1,566.40 करोड़ रुपये महाराष्ट्र को दिए जाएंगे। इस सहायता का उद्देश्य दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान अत्यधिक वर्षा और बाढ़ से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाना है।
मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस वर्ष केंद्र सरकार पहले ही 27 राज्यों को एसडीआरएफ के तहत 13,603.20 करोड़ रुपये और 15 राज्यों को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) से 2,189.28 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। इसके अलावा, 21 राज्यों को राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (एसडीएमएफ) से 4,571.30 करोड़ और 9 राज्यों को राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष (एनडीएमएफ) से 372.09 करोड़े प्रदान किए गए हैं।