देशभर में अलग-अलग कारणों से मौसम जानलेवा बन गया है। राजस्थान से उठी धूल भरी आंधी ने दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है। इस वजह से लोगों को सांस लेना भी मुश्किल हो गया है जबकि चंडीगढ़, दिल्ली व शिमला में कई विमानों की उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
दिल्ली-एनसीआर में धूल भरे गुबार ने हवा की गुणवत्ता को आपात स्तर पर ला दिया है। वायु प्रदूषण की भीषण स्थिति को देखते हुए उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आपात बैठक कर राष्ट्रीय राजधानी में सभी तरह के निर्माण कार्यों पर 17 जून तक रोक लगा दी गई है। देश के अन्य हिस्सों में आंधी, बाढ़ और भूस्खलन की वजह से दर्जन भर से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
मौसम विभाग का कहना है कि धूल भरी आंधी का असर अगले तीन दिनों तक बना रह सकता है। उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान से 13 लोगों के मारे जाने की खबर है। गोंडा में ही पांच लोगों की मौत हो चुकी है। उधर, हिमाचल के चंबा और उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बार-बार भूकंप के झटकों से लोग दहशत में हैं। दिल्ली-एनसीआर में बृहस्पतिवार को भी पार्टिकुलेट मैटर (हवा में मौजूद खतरनाक कण)-10 अपने सामान्य मानकों से औसतन करीब आठ गुना ज्यादा आपात स्तर पर बने रहे। पूरे दिन हवा में पीएम-10 का स्तर 700 से 800 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के बीच रहा।
हवा की गुणवत्ता और मौसम पर नजर रखने वाली एजेंसी सफर ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि अगले तीन दिन हवा में पीएम-10 की ऐसी ही खतरनाक स्थिति रह सकती है। एजेंसी ने एडवायजरी जारी कर लोगों को अगले तीन दिन सुबह-शाम सैर पर जाने से बचने और खिड़की-दरवाजे बंद कर रहने की सलाह दी है। साथ ही एन-95 या पी-100 के अलावा किसी मॉस्क पर भरोसा न करने की हिदायत दी है।
पूर्वोत्तर और केरल में बाढ़ व भूस्खलन से 10 की मौत
पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा और मणिपुर में बाढ़ की हालत गंभीर हो गई है। बाढ़ से अब तक त्रिपुरा में चार और मणिपुर में दो लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ से प्रभावित छह हजार परिवारों ने 200 शिविरों में शरण ली है। सभी स्कूल व सरकारी कार्यालय शुक्रवार तक बंद कर दिए गए हैं। वहीं, केरल के कोझिकोड जिले में भूस्खलन से तीन बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई है, 10 अन्य लोग लापता हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून आने के बाद केरल में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है। असम में लगातार हो रही भारी बारिश से जमीन धंसने के कारण लामडिंग-बदरपुर पर्वतीय क्षेत्र में ट्रेनों की आवाजाही ठप हो गई है।